2 लाख रुपये का कीमती ब्रेसलेट पाकर भी नहीं डोली नीयत, पुरुलिया में होमगार्ड जवान ने GRP को सौंपा
पुरुलिया रेलवे स्टेशन पर एक अस्थायी होमगार्ड को करीब दो लाख रुपये का हीरे जड़ित सोने का ब्रेसलेट मिला।

परिजनों को लौटाया ब्रेसलेट। (जागरण)
HighLights
अस्थायी होमगार्ड को मिला दो लाख का ब्रेसलेट।
ईमानदारी दिखाते हुए जीआरपी थाने में जमा कराया।
पुलिस ने ब्रेसलेट मालिक को सुरक्षित लौटाया।
संवाद सूत्र, पुरुलिया। ईमानदारी आज भी जिंदा है और इंसानियत की मिसाल पेश करने के लिए बड़े पद या संपन्नता की जरूरत नहीं होती।
पुरुलिया रेलवे स्टेशन पर ड्यूटी कर रहे एक अस्थायी होमगार्ड ने अपनी ईमानदारी से यह साबित कर दिया। स्टेशन पर करीब दो लाख रुपये मूल्य का हीरे जड़ित सोने का ब्रेसलेट मिलने के बाद उन्होंने उसे अपने पास रखने के बजाय तत्काल जीआरपी थाने में जमा करा दिया।
पुलिस ने जांच और जरूरी कागजात के सत्यापन के बाद ब्रेसलेट उसके वास्तविक मालिक को सौंप दिया। होमगार्ड के इस सराहनीय कदम की पुलिस प्रशासन से लेकर आम लोगों तक प्रशंसा हो रही है।
जानकारी के अनुसार, रविवार शाम बांंकुड़ा जिले का एक किशोर अपने दोस्तों के साथ ट्रेन पकड़ने के लिए पुरुलिया रेलवे स्टेशन पहुंचा था।
इसी दौरान उसके हाथ से करीब दो लाख रुपये कीमत का हीरे जड़ित सोने का ब्रेसलेट कहीं गिर गया। कीमती ब्रेसलेट गायब होने का पता चलते ही किशोर और उसके दोस्त परेशान हो गए।
उन्होंने स्टेशन परिसर में काफी खोजबीन की, लेकिन ब्रेसलेट का कोई सुराग नहीं मिला। आखिरकार उन्होंने पुरुलिया जीआरपी थाने पहुंचकर पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी।
ब्रेसलेट मिलते ही थाने में कराया जमा
इधर, स्टेशन पर ड्यूटी कर रहे एक अस्थायी होमगार्ड को ब्रेसलेट मिला। उसकी कीमत का अंदाजा होने के बावजूद उन्होंने ईमानदारी का परिचय देते हुए उसे तत्काल जीआरपी थाने में जमा करा दिया।
ब्रेसलेट मिलने की सूचना के बाद पुलिस ने उसके वास्तविक मालिक का पता लगाने और उसे सुरक्षित लौटाने की प्रक्रिया शुरू की। सोमवार को पुरुलिया जीआरपी थाना प्रभारी अजय मुखोपाध्याय ने आवश्यक प्रमाणों और दस्तावेजों का सत्यापन किया। इसके बाद बांंकुड़ा से आए किशोर और उसके परिवार को ब्रेसलेट सौंप दिया गया।
ईमानदारी की हो रही सराहना
खोई हुई कीमती वस्तु सुरक्षित वापस मिलने से किशोर और उसके परिवार ने राहत की सांस ली। वहीं, सीमित संसाधनों के बीच काम करने वाले अस्थायी होमगार्ड की ईमानदारी ने लोगों का दिल जीत लिया।
घटना ने यह संदेश दिया कि ईमानदारी और मानवीय संवेदना किसी पद या आर्थिक स्थिति की मोहताज नहीं होती।
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