जीआरएसई ने नौसेना को सौंपा पनडुब्बी शिकारी युद्धपोत ‘अमिनी’, दुश्मन पर रखेगा नजर
जीआरएसई ने भारतीय नौसेना को पनडुब्बी रोधी युद्धपोत 'अमिनी' सौंपा, जो आठ ASW-SWC श्रृंखला का पांचवां पोत है।

जीआरएसई ने भारतीय नौसेना को पनडुब्बी रोधी युद्धपोत 'अमिनी' सौंपा।
HighLights
जीआरएसई ने भारतीय नौसेना को पनडुब्बी रोधी युद्धपोत 'अमिनी' सौंपा।
यह ASW-SWC श्रृंखला का पांचवां स्वदेशी युद्धपोत है।
उथले पानी में पनडुब्बी शिकार हेतु 88% स्वदेशी उपकरण।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। कोलकाता स्थित रक्षा क्षेत्र की सार्वजनिक कंपनी गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) ने गुरुवार को भारतीय नौसेना को पनडुब्बी रोधी युद्धपोत ‘अमिनी’ सौंप दिया। चेन्नई में इसकी डिलीवरी दी गई।
यह नौसेना के लिए बनाए जा रहे आठ एंटी सबमरीन वारफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट (एएसडब्ल्यू-एसडब्ल्यूसी) श्रृंखला का पांचवां युद्धपोत है।
ईस्टर्न नेवल कमांड के रियर एडमिरल गौतम मरवाहा ने इसे स्वीकार किया। यह जीआरएसई का निर्मित 119वां और नौसेना को सौंपा गया 81वां युद्धपोत है। वर्ष 2026 में कंपनी ने अब तक चार युद्धपोत नौसेना को सौंपे हैं।
उथले समुद्री क्षेत्र में पनडुब्बियों का करेगा शिकार
करीब 77.6 मीटर लंबे इस युद्धपोत को तटीय समुद्री क्षेत्रों में अभियान के लिए तैयार किया गया है। यह पानी के भीतर निगरानी, तलाशी और हमला करने के साथ विमानों के समन्वय से पनडुब्बी रोधी अभियान चलाने में सक्षम है।
इसमें अत्याधुनिक काम्बैट मैनेजमेंट सिस्टम, हल्के टारपीडो और पनडुब्बी रोधी राकेट लगे हैं। समुद्री डीजल इंजन और वाटरजेट प्रणोदन प्रणाली से लैस यह पोत करीब 2.7 मीटर ड्राफ्ट के कारण उथले समुद्री जल में भी आसानी से संचालन कर सकता है।
88 प्रतिशत स्वदेशी उपकरणों का इस्तेमाल
अमिनी में करीब 88 प्रतिशत स्वदेशी उपकरणों का इस्तेमाल हुआ है। इसमें जीआरएसई निर्मित 30 एमएम नौसैनिक सतही तोप भी लगी है। कंपनी फिलहाल 13 प्रमुख नौसैनिक प्लेटफार्मों के निर्माण में जुटी है।
इसके अलावा 13 निर्यात पोतों समेत 36 अन्य जहाज भी बनाए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि 30 मार्च को जीआरएसई ने एक ही दिन तीन युद्धपोत नौसेना को सौंपकर रिकार्ड बनाया था।