जागरण संवाददाता, कोलकाता। बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने शनिवार को कहा कि अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को किसी के लिए जीत या हार के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। इसी के साथ उन्होंने आग्रह किया कि सभी संबंधितों को फैसले का खुले दिल से स्वागत करना चाहिए।

एक कार्यक्रम से इतर पत्रकारों से बातचीत में धनखड़ ने कहा कि मुझे खुशी है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने एक ऐसे मुद्दे पर फैसला सुनाया है, जो पूरे देश का ध्यान आकर्षित कर रहा था। फैसले को किसी की जीत या हार के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। इसे पूरी ईमानदारी से स्वीकार किया जाना चाहिए और इस पर अमल किया जाना चाहिए। यह कहते हुए कि सभी भारतीय राष्ट्र की एकता और मजबूती के लिए खड़े हैं।

राज्यपाल ने कहा कि अयोध्या का फैसला किसी पार्टी विशेष या किसी अन्य के लिए नहीं है। राज्यपाल ने कहा कि कई दशकों तक सुनवाई चलने के बाद दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की सर्वोच्च अदालत द्वारा फैसला सुनाया गया है, इसलिए मैं समाज के सभी वर्गों से अपील करूंगा कि सभी को फैसले को स्वीकार करना चाहिए।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को विवादित ढांचे की 2.77 एकड़ जमीन हिंदुओं को दिए जाने को लेकर अपना फैसला दिया। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने मस्जिद के लिए अलग से पांच एकड़ जमीन देने का आदेश दिया है। सर्वसम्मत फैसले में पांच सदस्यीय पीठ ने केंद्र से तीन महीने के भीतर एक ट्रस्ट बनाने का निर्देश दिया है, जो अयोध्या में विवादित स्थल पर राम मंदिर का निर्माण करेगा। 

तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी का पार्टी नेताओं को अयोध्या मामले में टिप्पणी न करने का निर्देश

राज्य की मुख्यमंत्री व तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी ने अपने पार्टी नेताओं को अयोध्या मामले में किसी भी प्रकार की बयानबाजी न करने व मीडिया कर्मियों से दूरी बनाने का निर्देश दिया है। दरअसल, गुरुवार को तृणमूल भवन में आयोजित पार्टी कार्यसमिति की बैठक में उपस्थित विधायकों व सांसदों को अगाह करते हुए मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि वे अयोध्या मामले में किसी भी प्रकार की बयानबाजी से बचे। साथ ही, उक्त मामले में मीडिया से दूरी बनाए। वहीं उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वे खुद इस मामले में बोलेंगी। लेकिन उनके अलावा कोई अन्य नेता इस मामले में कोई टिका-टिप्पणी नहीं करेगा।

मुख्यमंत्री ने गुरुवार को पार्टी के नेताओं संग बैठक कर उन्हें चेतावनी दी कि वे इस मसले पर किसी भी प्रकार की बयानबाजी से दूरी बनाए। वहीं बैठक के बाद एक मीडिया कर्मियों से मुखातिब हुई ममता ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि फैसला क्या होगा। लेकिन किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने को सभी पक्षों से सतर्क रहने की उन्होंने विनती की है। उन्होंने कहा कि सभी शाति बनाए रखे और इस मसले पर बयानबाजी से बचने की जरूरत है। इसके इतर, बैठक में उन्होंने उत्तर बंगाल के वरिष्ठ नेता व मंत्री रवींद्रनाथ घोष को फटकार भी लगाई।

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Posted By: Sachin Mishra

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