राज्य ब्यूरो, कोलकाता : बंगाल सरकार ने वाहनों पर लाल और नीली बत्ती (बीकन लाइट) के अवैध दुरुपयोग को रोकने के लिए उन वीआइपी और अधिकारियों की एक नई सूची जारी की है जो‌ अपनी कारों के ऊपर इसे लगाने के पात्र हैं। लेकिन आश्चर्यजनक रूप से परिवहन विभाग द्वारा जारी इस सूची से राज्यपाल और राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता का नाम गायब है। इसके अलावा कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, विधानसभा के अध्यक्ष और राज्य के महाधिवक्ता का नाम भी इस सूची में शामिल नहीं है।

इसके बाद राज्य सरकार के रवैए पर सवाल खड़े हो गए हैं। गौर करने वाली बात है कि इससे पहले 2014 में जब इसी तरह की सूची जारी की गई थी तो राज्यपाल का उल्लेख सबसे ऊपर किया गया था और विपक्ष के नेता सहित मुख्य न्यायाधीश व अन्य‌ का नाम भी शामिल था। लेकिन अब राज्य सरकार ने नए दिशा निर्देश जारी कर पहले की सभी अधिसूचना को रद कर दिया है।‌

इधर, परिवहन विभाग के एक अधिकारी का कहना है कि राज्यपाल और विपक्ष के नेता का नाम सूची से गायब होना कोई चूक नहीं लग रही है। दरअसल मौजूदा राज्यपाल जगदीप धनखड़ और ममता सरकार के बीच टकराव किसी से छिपी नहीं है। वहीं, विधानसभा चुनाव से पहले सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस को छोड़ भाजपा में शामिल होने वाले विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी के साथ भी ममता का टकराव चरम पर है।

अधिकारी ने कहा- अगर कोई और विपक्ष का नेता होता तो शायद राज्य सरकार सोचती। हालांकि अधिकारी ने कहा कि विपक्ष के नेता होने के नाते सुवेंदु निश्चित रूप से बीकन लाइट के इस्तेमाल के हकदार हैं क्योंकि उनका पद कैबिनेट मंत्री के बराबर का है।‌ राज्य के सभी मंत्रियों यानी कैबिनेट मंत्रियों के साथ राज्य मंत्रियों को भी अपनी कारों के ऊपर बीकन लाइट के उपयोग की अनुमति है। नई सूची में भी मंत्रियों का नाम उल्लेखित है।

कौन कर सकेगा वाहन पर बीकन लाइट का इस्तेमाल

इधर, सूची में बीकन लाइट के लिए पात्र अन्य लोगों में मुख्य सचिव, विभिन्न विभागों के प्रधान व अतिरिक्त मुख्य सचिव के अलावा पुलिस महानिदेशक, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, आइजी- डीआइजी, डीएम- एसपी, अग्निशमन सेवा महानिदेशक, नगर निगम आयुक्त, कमिश्नर रैंक के सभी अधिकारी व अन्य अधिकारियों का नाम शामिल है।

Edited By: Vijay Kumar