गंगासागर मेले में आने वाले श्रद्धालुओं का रहना, खाना और बस से सफर होगा मुफ्त
बंगाल में भाजपा सरकार गंगासागर मेले को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने की तैयारी में है। श्रद्धालुओं के लिए रहना, खाना ...और पढ़ें

गंगासागर मेले के लिए तैयारी में बंगाल सरकार।
HighLights
श्रद्धालुओं के लिए मुफ्त रहने, खाने और यात्रा की व्यवस्था।
सुरक्षा हेतु एआई, सीसीटीवी और हेलीकॉप्टर से निगरानी।
गंगासागर मेले को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने का लक्ष्य।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद गंगासागर मेले को अंतरराष्ट्रीय स्तर का आयोजन बनाने के लक्ष्य के साथ मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अगुवाई वाली भाजपा सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य सचिवालय नवान्न ने श्रद्धालुओं के लिए इस बार कई नई व व्यापक सुविधाओं की कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत इस बार मेले में देशभर से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के कोलकाता से गंगासागर (सागरद्वीप) तक आवागमन से लेकर ठहरने और भोजन की व्यवस्था मुफ्त उपलब्ध कराने की योजना है।
कोलकाता व आसपास के प्रमुख स्थानों से सागरद्वीप तक सरकारी बसों से निशुल्क यात्रा की सुविधा देने के साथ मुड़ीगंगा नदी पार कराने के लिए अतिरिक्त लॉन्च (जहाज) भी चलाए जाएंगे।
रेलवे के सहयोग से श्रद्धालुओं को सियालदह व कोलकाता स्टेश्नों से नामखाना या काकद्वीप तक मुफ्त ट्रेन सेवा मुहैया कराने की संभावना पर भी विचार किया जा रहा है। हालांकि, रेल सेवा को लेकर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
नवान्न सूत्रों के अनुसार, गंगासागर जाने के लिए दूसरे राज्यों से बंगाल पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के प्रवेश करने से लेकर सागरद्वीप पहुंचने तक स्वागत और यात्रा संबंधी सहायता (मार्गदर्शन) के लिए विशेष व्यवस्था विकसित की जाएगी। विशाल मेला परिसर में हजारों की संख्या में आधुनिक अस्थायी टेंट बनाने की योजना है, जहां श्रद्धालु मुफ्त में ठहर सकेंगे। उन्हें भोजन और पेयजल की सुविधा भी मुहैया कराई जाएगी।
हर साल मकर संक्रांति पर देशभर से लाखों श्रद्धालु आते हैं गंगासागर
मालूम हो कि बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के सागरद्वीप में हर साल जनवरी में मकर संक्रांति पर गंगासागर मेला लगता है, जहां पुण्य स्नान के लिए देशभर से लाखों तीर्थयात्री पहुंचते हैं। राज्य सरकार की गंगासागर मेले को राष्ट्रीय मेले की मान्यता दिलाने की पहल करने के साथ इस बार बजट आवंटन बढ़ाने की भी योजना है।
सूत्र के अनुसार, नई सरकार की कोशिश है कि सत्ता परिवर्तन के बाद गंगासागर मेले में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को बदलाव महसूस हो। इसी दिशा में विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराने पर सरकार का जोर है।
स्नान घाटों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी
श्रद्धालुओं की भीड़ और प्रतीक्षा का समय कम करने के लिए कोलकाता से मेला परिसर तक अतिरिक्त सरकारी बसें चलाई जाएंगी। मेला परिसर में स्नान घाटों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग स्नान की व्यवस्था होगी।
कपिल मुनि आश्रम में पूजा के दौरान धक्का-मुक्की और भगदड़ जैसी स्थिति रोकने के लिए बैरिकेडिंग और भीड़ नियंत्रण के विशेष इंतजाम किए जाएंगे। श्रद्धालुओं को पहचान पत्र देने के साथ आधुनिक पूछताछ केंद्र, हेल्प डेस्क और स्वयंसेवकों की टीमें भी तैनात रहेंगी।
एआई और हेलीकॉप्टर से निगरानी, वीआइपी व्यवस्था नहीं
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए मेला परिसर से लेकर सभी प्रमुख प्रवेश और आवागमन मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। भीड़ की निगरानी और नियंत्रण में एआई तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। हवाई निगरानी के लिए 10 हेलीकॉप्टर तैनात करने की योजना है।
नवान्न के एक अधिकारी के मुताबिक, आम श्रद्धालुओं और विशिष्ट अतिथियों के लिए अलग-अलग व्यवस्था नहीं होगी। सभी को समान सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर है। राज्य सरकार ने संबंधित विभागों को परिवहन, आवास, भोजन, स्वच्छता और सुरक्षा से जुड़े निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा है।
आयोजन की तैयारियों में केंद्र सरकार के साथ भी समन्वय किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य गंगासागर मेले की पुरानी ढांचागत समस्याओं को दूर कर इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है।
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