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राष्ट्रीय मेले के रूप में पहचान दिलाने की तैयारी, गंगासागर मेले का क्षेत्रफल 50 प्रतिशत बढ़ेगा

Published: Sat, 31 Oct 2026 11:08 PM (IST)

पश्चिम बंगाल सरकार ने गंगासागर मेले का क्षेत्रफल 50% बढ़ाकर 18 लाख वर्गफुट करने का निर्णय लिया है।

गंगासागर मेले को राष्ट्रीय मेले के रूप में पहचान दिलाने की तैयारी। (फाइल)

गंगासागर मेले को राष्ट्रीय मेले के रूप में पहचान दिलाने की तैयारी। (फाइल)

HighLights

  1. मेले का क्षेत्रफल 12 से 18 लाख वर्गफुट किया गया।

  2. राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर का आयोजन बनाने का लक्ष्य।

  3. श्रद्धालुओं की सुविधाओं और भीड़ प्रबंधन में मिलेगी मदद।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद राष्ट्रीय मेले के रूप में पहचान दिलाने की कवायद के बीच राज्य सरकार ने गंगासागर मेले का विस्तार करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इसके तहत इस बार मेले का क्षेत्रफल छह लाख वर्गफुट बढ़ाया जाएगा। पहले 12 लाख वर्गफुट क्षेत्र में आयोजित होने वाला मेला इस बार 18 लाख वर्गफुट में फैलेगा।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में हाल में राज्य सचिवालय नवान्न में हुई उच्चस्तरीय बैठक में इस संबंध में निर्णय लिया गया। आधिकारिक सूत्रों ने इसकी जानकारी दी। शुभेंदु की अगुवाई वाली भाजपा सरकार पहले ही गंगासागर मेले को इस बार राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के मेले के रूप में आयोजित करने की घोषणा कर चुकी है। क्षेत्रफल बढ़ाने के फैसले को इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

श्रद्धालुओं के लिए बढ़ेंगी सुविधाएं

अधिकारियों के अनुसार, मेले का क्षेत्रफल बढ़ने से श्रद्धालुओं की आवाजाही, भीड़ प्रबंधन और विभिन्न सुविधाओं की व्यवस्था के लिए अतिरिक्त जगह उपलब्ध हो सकेगी। बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के सागद्वीप में गंगासागर मेला हर साल जनवरी में मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित होता है।

कुंभ के बाद देश के दूसरे सबसे बड़े धार्मिक समागम माने जाने वाले इस मेले में देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पुण्य स्नान और कपिल मुनि मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए गंगासागर पहुंचते हैं। बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद होने वाला पहला गंगासागर मेला शुभेंदु सरकार के लिए धार्मिक आयोजन भर नहीं, बल्कि राष्ट्रीय मंच पर खुद को साबित करने का एक बड़ा मौका है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर का आयोजन बनाने की तैयारी

मेले का क्षेत्रफल बढ़ाने के फैसले से इसके आयोजन का दायरा विस्तृत होगा। इससे पहले राज्य सरकार केंद्र से गंगासागर मेले को राष्ट्रीय मेले का दर्जा देने की मांग भी कर चुकी है।

इस साल अप्रैल में राज्य में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में केंद्र सरकार के सहयोग से गंगासागर मेला को अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महोत्सव के रूप में विकसित करने और इसे यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल कराने के लिए प्रयास करने का वादा किया था।

मुख्यमंत्री शुभेंदु हाल में कई मौकों पर इस बार गंगासागर मेले को अंतरराष्ट्रीय स्तर का आयोजन बनाने की बात कह चुके है। पिछले महीने बंगाल दौरे पर आए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी 28 सितंबर को गंगासागर पहुंचकर पुण्य स्नान और कपिलमुनि मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद कहा था कि गंगासागर मेले को राष्ट्रीय मेले का दर्जा देने की मांग जल्द पूरी होगी।

अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि राज्य सरकार इस बार बुनियादी सुविधाओं, परिवहन, सुरक्षा और श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था में क्या-क्या बदलाव व नई व्यवस्था करती है।

सागरद्वीप में हेलिपैड की संख्या भी बढ़ाकर छह करने की योजना

भाजपा की सरकार बनने के बाद इस बार बड़ी संख्या में संभावित वीवीआईपी दौरे को देखते हुए सागरद्वीप में मौजूदा तीन हेलिपैड की संख्या बढ़ाकर छह करने की योजना भी है।

 

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