पूर्व मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणनम का एसआईआर ट्रिब्यूनल से इस्तीफा
कलकत्ता हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणनम ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) ट्रिब्यूनल से इस्तीफा दे दिया है।

पूर्व मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणनम
HighLights
पूर्व मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणनम ने इस्तीफा दिया
एसआइआर ट्रिब्यूनल से व्यक्तिगत कारणों का हवाला
मतदाता सूची अपीलों पर प्रभाव की चिंता
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। कलकत्ता हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणनम ने विशेष गहन पुनरीक्षण(एसआइआर) ट्रिब्यूनल से इस्तीफा दे दिया है। आयोग के सूत्रों के अनुसार, न्यायमूर्ति शिवगणनम ने अपने पदत्याग के पीछे व्यक्तिगत कारणों का उल्लेख किया है।
उल्लेखनीय है कि वे न केवल इस ट्रिब्यूनल के सदस्य थे, बल्कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित उस उच्चाधिकार प्राप्त समिति का भी हिस्सा थे, जिसे मतदाता सूची से जुड़े विवादों के निपटारे की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
लाखों मतदाताओं का भविष्य अधर में
सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार, मतदाता सूची से जिन नागरिकों के नाम हटा दिए गए थे, उन्हें अपील का अवसर देने के लिए इस ट्रिब्यूनल का गठन किया गया था। इस प्रक्रिया में न्यायमूर्ति शिवगणन समेत 19 पूर्व न्यायाधीश शामिल थे।
28 फरवरी को चुनाव आयोग द्वारा जारी सूची के अनुसार, लगभग 60 लाख मतदाताओं के नाम विचाराधीन रखे गए थे। न्यायिक अधिकारियों द्वारा की गई जांच के बाद करीब 27 लाख नाम हटा दिए गए, जबकि 32 लाख से अधिक नामों को सूची में शामिल किया गया था।
समिति की संरचना पर प्रभाव
न्यायमूर्ति शिवगणनम उस तीन सदस्यीय विशेष समिति में भी शामिल थे, जिसे कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सुजय पाल ने ट्रिब्यूनल की कार्यप्रणाली तय करने के लिए बनाया था। इस समिति में उनके साथ सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रदीप्त राय और न्यायमूर्ति प्रणब कुमार देब भी सदस्य हैं।
अब पूर्व जस्टिस शिवगणनम के इस्तीफे के बाद, ट्रिब्यूनल में लंबित अपीलों की सुनवाई और प्रक्रियात्मक निर्णयों पर क्या प्रभाव पड़ेगा, इस पर कानूनी विशेषज्ञों की नजर बनी हुई है। उनके इस फैसले से चुनावी समीक्षा की इस जटिल प्रक्रिया में एक नया मोड़ आ गया है।
