राज्य ब्यूरो, कोलकाता : चुनाव आयोग इस बार स्टार प्रचारकों को विशेष सुरक्षा प्रदान करने जा रहा है। चुनाव आयोग के सूत्रों के अनुसार राज्य में स्टार प्रचारकों की सुरक्षा पुख्ता करने के लिए अद्र्धसैनिक बलों को इसकी जिम्मेदारी देने पर विचार किया जा रहा है, हालांकि इसपर अंतिम निर्णय बंगाल के लिए नियुक्त किए गए विशेष पर्यवेक्षक अजय नायक व विशेष पुलिस पर्यवेक्षक विवेक दुबे लेंगे। नंदीग्राम में मुख्यमंत्री व तृणमूल कांगेस सुप्रीमो ममता बनर्जी के चोटिल होने की घटना के बाद से चुनाव आयोग इस बारे में सोच रहा है।

अगर कोई स्टार प्रचारक किसी विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार करना चाहता है तो उसे पहले अपनी योजना के बारे में जिला चुनाव अधिकारी, यानी जिलाधिकारी व वहां के पुलिस अधीक्षक को सूचित करना होता है। अगर कोई उम्मीदवार स्वयं प्रचार करना चाहता है तो उसे भी उसी तरह संबंधित जिला प्रशासन को सूचित करना पड़ता है। पुलिस अधीक्षक उसके अनुसार सुरक्षा व्यवस्था करते हैं।

चुनाव आयोग के सूत्रों के अनुसार इस पद्धति को बदला जा सकता है। यदि नियम बदलते हैं तो जिला प्रशासन अद्र्धसैनिक बलों के अधिकारियों को स्टार प्रचारकों की सूची देंगे और वे स्टार प्रचारकों की सुरक्षा की योजना तैयार करेंगे। चुनाव की घोषणा के बाद बंगाल में कानून व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रित करने में चुनाव आयोग की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। तृणमूल ने ममता को लगी चोट के लिए चुनाव आयोग को दोषी ठहराया है। तब से चुनाव आयोग ने उम्मीदवारों और स्टार प्रचारकों की सुरक्षा पर फिर से विचार करना शुरू कर दिया है।

आयोग नहीं चाहता कि नंदीग्राम जैसी घटना फिर से हो। बंगाल में चुनाव प्रचार करने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा में शामिल हुए मशहूर बॉलीवुड मिथुन चक्रवर्ती सहित कई और आ रहे हैं। दूसरी ओर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, क्रिकेटर मोहम्मद अजहरुद्दीन और नवजोत सिंह सिद्धू कांग्रेस के स्टार प्रचारकों की सूची में हैं।

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