राज्य ब्यूरो, कोलकाता : ममता सरकार केंद्र की नई शिक्षा नीति से खुश नहीं है। राज्य के शिक्षा मंत्री व तृणमूल कांग्रेस के महासचिव पार्थ चटर्जी ने कहा कि राज्य सरकार से सलाह-मशविरा किए बिना ही इसे तैयार किया गया है। इसकी समीक्षा के लिए राज्य सरकार की तरफ से शिक्षाविदों की एक कमेटी गठित की गई है, जिसमें पवित्र सरकार,  सब्यसाची बसु रायचौधरी, सुरंजन दास, नृसिंह  भादुड़ी और अभिक मजुमदार शामिल हैं। कमेटी शिक्षा नीति का विश्लेषण कर राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

पार्थ ने आगे कहा कि अगर कोई व्यक्तिगत तौर पर इस शिक्षा नीति पर अपनी राय व्यक्त करना चाहता है तो 15 अगस्त से पहले उसे लिखित तौर पर राज्य सरकार के पास जमा कर सकता है। पार्थ ने इस दिन राज्यपाल जगदीप धनखड़ पर भी निशाना साधा। उन्होंने धनखड़ पर भाजपा का होकर काम करने का आरोप लगाते हुए उन्हें राज्यपाल की जगह 'पद्मपाल' करार दिया। पार्थ ने शारीरिक दूरी के नियम को लेकर बंगाल भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि दिलीप घोष शारीरिक दूरी के नियम के पालन की बात करते हैं और खुद 25 लोगों को साथ लेकर चलते हैं। इससे क्या शारीरिक दूरी के नियम का उल्लंघन नहीं हो रहा?

 

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