आरजी कर के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष को ईडी का समन, करोड़ों की वित्तीय अनियमितता में होगी पूछताछ
आरजी कर मेडिकल कॉलेज में करोड़ों की वित्तीय अनियमितता मामले में ईडी ने पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष को समन भेजा ...और पढ़ें

HighLights
ईडी ने आरजी कर के पूर्व प्रिंसिपल को समन भेजा।
करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितता मामले में पूछताछ होगी।
सीबीआई और ईडी दोनों एजेंसियां जांच में जुटी हैं।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। आरजी कर मेडिकल कालेज एवं अस्पताल में करोड़ों रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता की जांच एक बार फिर तेज हो गई है। ईडी ने बुधवार को संस्थान के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष को पूछताछ के लिए समन जारी किया। उन्हें साल्टलेक स्थित ईडी कार्यालय में पेश होने को कहा गया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एजेंसी ने उन्हें पेशी के लिए कुछ अतिरिक्त समय दिया है। अस्पताल में वित्तीय गड़बड़ियों के आरोपों की जांच सीबीआई और ईडी समानांतर रूप से कर रही हैं।
संदीप घोष को सीबीआई ने अगस्त 2024 में अस्पताल में वित्तीय अनियमितताओं के मामले में गिरफ्तार किया था। बाद में उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। कलकत्ता हाई कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, जहां 15 अक्टूबर 2026 को उन्हें जमानत मिल गई। सुप्रीम कोर्ट ने लंबी न्यायिक हिरासत और मुकदमे की धीमी प्रगति को जमानत का आधार बनाया था। अदालत के मुताबिक, 147 गवाहों में से उस समय केवल सात की गवाही हुई थी।
ईडी पहले ही दाखिल कर चुकी है आरोपपत्र
आरजी कर में वित्तीय अनियमितताओं का मामला अगस्त 2024 में एक जूनियर महिला डाक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना के बाद सामने आया था। अस्पताल के पूर्व उपाधीक्षक अख्तर अली की शिकायत के आधार पर कलकत्ता हाई कोर्ट ने सीबीआई जांच का निर्देश दिया था। आरोप है कि अस्पताल में खरीद और टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया।
ईडी ने फरवरी 2026 में इस मामले में विशेष अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया था। इसमें संदीप घोष के अलावा कारोबारी बिप्लब सिंहा और सुमन हाजरा के नाम भी शामिल हैं। आरोपपत्र में ठेकों और कमीशन के कथित लेनदेन का उल्लेख किया गया है। अब ईडी की पूछताछ का उद्देश्य वित्तीय लेनदेन और धनशोधन से जुड़े पहलुओं की आगे जांच करना है।