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बंगाल: APM चिटफंड मामले में ईडी का एक्शन, कोलकाता समेत 17 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापामारी

Published: Wed, 16 Sep 2026 12:51 PM (IST)

ईडी ने APM चिटफंड मामले में कोलकाता समेत देश के 17 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई अमृत ग्रुप की कंपनियों के निदेशकों और प्रमोटरों के खिलाफ हुई।

चिटफंड मामले में ईडी की छापेमारी। (फाइल फोटो।)

चिटफंड मामले में ईडी की छापेमारी। (फाइल फोटो।)

HighLights

  1. ईडी ने APM चिटफंड मामले में 17 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया।

  2. कोलकाता, इंदौर में अमृत ग्रुप के निदेशकों-प्रमोटरों के घर छापेमारी हुई।

  3. अहम दस्तावेज, डिजिटल उपकरण जब्त; निवेशकों से धोखाधड़ी का आरोप।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। कोलकाता के एपीएम चिटफंड मामले में ईडी ने बुधवार को कोलकाता समेत देश के विभिन्न हिस्सों में 17 ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया।

कोलकाता में नारकेलडांगा, नेताजीनगर और रवींद्र सरोवर समेत छह स्थानों पर कार्रवाई हुई। सीएपीएफ के साथ ईडी की एक टीम ने उत्तर कोलकाता के नारकेलडांगा में एक कारोबारी के घर पर तलाशी ली। अन्य टीमों ने पोंजी संस्था से जुड़े लोगों के आवास और दूसरे ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया।

अहम दस्तावेज और उपकरण जब्त

ईडी के अनुसार, ये ठिकाने अमृत ग्रुप से जुड़ी कंपनियों के निदेशकों और प्रमोटरों के हैं। इनमें केसी दुजारी और काली किशोर बागची समेत अन्य लोगों के ठिकाने शामिल हैं। कोलकाता के अलावा इंदौर में भी तलाशी ली गई। सूत्रों के मुताबिक तलाशी के दौरान ईडी अधिकारियों ने कई अहम दस्तावेज तथा डिजिटल उपकरण जब्त किए।

क्या है आरोप?

ईडी सूत्रों के अनुसार, एपीएम ग्रुप नाम की पोंजी संस्था पर आकर्षक और ऊंचे रिटर्न का भरोसा देकर लोगों से रकम जुटाने का आरोप है। एपीएम चिटफंड कंपनी अमृत ग्रुप का हिस्सा है। ग्रुप की कंपनियों और उनके निदेशकों पर विभिन्न जमा योजनाओं के नाम पर आम लोगों से बड़ी रकम जुटाने तथा वादा किया गया रिटर्न नहीं लौटाकर उन्हें कथित तौर पर ठगने का आरोप है।

इसके लिए विभिन्न मल्टीलेवल मार्केटिंग योजनाओं का इस्तेमाल किया गया। आरोप है कि इसके लिए संबंधित नियामकीय प्राधिकरणों से आवश्यक अनुमति भी नहीं ली गई थी। जांच एजेंसी यह पता लगा रही है कि निवेशकों से जुटाई गई रकम का कथित तौर पर किस तरह इस्तेमाल और दुरुपयोग किया गया।

शेल कंपनी के जरिए निर्माण कारोबार में निवेश

जांच के अनुसार, चिटफंड के जरिए जुटाई गई रकम को दूसरी कारपोरेट इकाई के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में लगाया गया। यह इकाई कथित तौर पर शेल कंपनी के रूप में काम कर रही थी। रकम का एक हिस्सा निर्माण कारोबार में लगाने और उससे कई इमारतों के निर्माण का भी आरोप है। इसी सिलसिले में चिटफंड से जुड़े लिंक मैन और अन्य लोगों के ठिकानों पर तलाशी ली गई।

ईडी सूत्रों के मुताबिक, एपीएम से जुड़े लोगों ने बंगाल के अलावा इंदौर समेत कई राज्यों में भी कारोबार फैलाया था। स्वामी संतदास इंस्टीट्यूट आफ कल्चर और यौगिक कालेज में भी इस मामले से जुड़ी रकम के निवेश की जानकारी सामने आई है। तलाशी के दौरान ईडी ने वित्तीय लेनदेन, निवेश और संस्था से जुड़े दस्तावेजों की तलाश की तथा कई लोगों से पूछताछ भी की।

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