पूर्व रेलवे की पार्सल से आय में 14.55 प्रतिशत का उछाल, लदान भी 7.07 प्रतिशत बढ़ा
पूर्व रेलवे ने चालू वित्त वर्ष में 31 अगस्त 2026 तक पार्सल लदान और आय में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है।
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पार्सल लदान में वृद्धि (जागरण)
HighLights
पार्सल आय में 14.55% और लदान में 7.07% की उल्लेखनीय वृद्धि।
लीज आधारित सेवाओं ने आय और लदान वृद्धि में अहम भूमिका निभाई।
डॉ. उदय शंकर झा के मार्गदर्शन में वाणिज्यिक रणनीतियों से बेहतर प्रदर्शन।
जागरण संवाददाता, कोलकाता। पूर्व रेलवे ने चालू वित्तीय वर्ष में पार्सल लदान व इससे आय में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। 31 अगस्त 2026 तक पार्सल आय में 14.55 प्रतिशत और पार्सल लदान में 7.07 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
इस अवधि में पार्सल आय पिछले वर्ष के 55.82 करोड़ रुपये से बढ़कर 63.94 करोड़ रुपये हो गई, जबकि कुल पार्सल लदान 140410 टन से बढ़कर 150340 टन पहुंच गया। कोलकाता में स्थित पूर्व रेलवे मुख्यालय द्वारा जारी एक बयान में इसकी जानकारी दी गई है।
इस बेहतर प्रदर्शन में पूर्व रेलवे के प्रधान मुख्य वाणिज्यिक प्रबंधक (पीसीसीएम) डा. उदय शंकर झा के मार्गदर्शन में अपनाई गई वाणिज्यिक रणनीतियों, लीज क्षमता के प्रभावी उपयोग और ग्राहक-केंद्रित पहलों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
लीज आधारित सेवाओं से बढ़ी आय
पीसीसीएम ने बताया कि पूर्व रेलवे के पार्सल कारोबार में लीज आधारित सेवाओं ने वृद्धि को गति दी है। लीज पर पार्सल लदान 76250 टन से बढ़कर 94860 टन हो गया, यानी 18610 टन की वृद्धि के साथ इसमें 24.41 प्रतिशत का इजाफा हुआ।
वहीं, लीज आधारित पार्सल से प्राप्त आय 36.99 करोड़ रुपये से बढ़कर 47.72 करोड़ रुपये हो गई। इसमें 10.73 करोड़ रुपये यानी 29.01 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
कुल पार्सल लदान में लीज आधारित लदान की हिस्सेदारी 63.10 प्रतिशत है, जबकि पार्सल से होने वाली कुल आय में लीज आधारित आय की हिस्सेदारी 74.63 प्रतिशत है। इससे पार्सल कारोबार में लीज सेवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका का पता चलता है।
संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोर
पीसीसीएम डॉ. उदय शंकर झा के अनुसार, पार्सल परिवहन व्यापारिक वस्तुओं, आवश्यक सामान, कृषि उपज और अन्य उपभोक्ता वस्तुओं को त्वरित, सुरक्षित और विश्वसनीय तरीके से विभिन्न बाजारों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
विस्तृत रेल नेटवर्क के माध्यम से पूर्व रेलवे विभिन्न क्षेत्रों को जोड़ते हुए समयबद्ध पार्सल परिवहन सुविधा उपलब्ध करा रहा है।
रेलवे का कहना है कि पार्सल क्षेत्र में यह सकारात्मक परिणाम बेहतर संसाधन उपयोग, लीज क्षमता के प्रभावी प्रबंधन और परिचालन दक्षता का नतीजा है।
ग्राहकों की परिवहन आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पार्सल सेवाओं को और प्रभावी एवं प्रतिस्पर्धी बनाने तथा उपलब्ध क्षमता के अधिकतम उपयोग पर लगातार जोर दिया जा रहा है।
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