TMC के विवाद पर एक्शन में चुनाव आयोग, ममता बनर्जी और ऋतब्रत गुट के साथ की अलग-अलग बैठकें
चुनाव आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के ममता बनर्जी और ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुटों के साथ अलग-अलग बैठकें कीं।

TMC के दोनों गुटों के साथ चुनाव आयोग ने की बैठक (फाइल फोटो)
HighLights
चुनाव आयोग ने टीएमसी के दोनों गुटों से अलग-अलग मुलाकात की।
बैठक पार्टी के संगठनात्मक ढांचे और हस्ताक्षरकर्ताओं के विवाद पर थी।
यह मुलाकात नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनावों से पहले हुई।
पीटीआई, नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने शनिवार को ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस और बंगाल में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।
यह बैठक पार्टी के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं और संगठनात्मक चुनावों को लेकर दोनों पक्षों के विरोधी दावों के बीच हुई। दोनों गुटों के साथ ये अलग-अलग बैठकें छह अक्टूबर को होने वाले नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा उप चुनावों से पहले हुई है।
बैठक के बाद जारी एक बयान में तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि चुनाव आयोग के सामने अपनी बात रखते हुए हमने कहा कि पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को लेकर कोई विवाद नहीं है।
ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी का प्रतिनिधित्व करने वाले पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में डेरेक ओब्रायन, कल्याण बनर्जी, सागरिका घोष, साकेत गोखले और वकील अभिनव सिंह शामिल थे।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि पार्टी विरोधी दावे का समर्थन करने वाले विधायकों ने केवल पांच महीने पहले तृणमूल के टिकट पर चुनाव लड़ा था। यह भी कहा कि इन विधायकों को चुनाव लड़ने के लिए तृणमूल से बैंक खातों में 25-25 लाख रुपये मिले थे।
प्रतिनिधिमंडल ने आयोग को बताया कि अध्यक्ष और उसके बाद राष्ट्रीय कार्य समिति के चुनाव के लिए संगठनात्मक चुनाव लगातार हर पांच साल में होते रहे हैं। बयान में कहा गया है कि यह मामला ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी और "गद्दारों के एक समूह" के बीच का है।
ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाला गुट भी आयोग के सामने पेश हुआ और मौखिक रूप से अपनी बात रखी। ऋतब्रत ने कहा कि गुट ने बैठक के दौरान दस्तावेज दिखाए और चुनाव आयोग द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब दिए। उन्होंने कहा कि इसके बाद आयोग ने शनिवार के अंत तक अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने को कहा।
