दुर्गापूजा टिकट घोटाला: पूर्व TMC विधायक इंद्रनील सेन और पत्नी से आमने-सामने पूछताछ, बयानों में अंतर से उलझा मामला
दुर्गापूजा टिकट घोटाले में पूर्व टीएमसी विधायक इंद्रनील सेन और उनकी पत्नी मधुछंदा सेन से आमने-सामने पूछताछ की गई, जिसमें उनके बयानों में मतभेद सामने आए।

इंद्रनील सेन और पत्नी से आमने-सामने पूछताछ।
HighLights
इंद्रनील सेन और पत्नी मधुछंदा से आमने-सामने पूछताछ।
दोनों के बयानों में कई बिंदुओं पर मतभेद मिले।
बेटी आभेरी सेन को पुलिस ने दोबारा तलब किया।
जागरण संवाददाता, कोलकाता। दुर्गापूजा के टिकटों की बिक्री में कथित वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में कोलकाता पुलिस ने पूर्व तृणमूल विधायक इंद्रनील सेन और उनकी पत्नी मधुछंदा सेन को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की। इस दौरान दोनों के बयानों में कई बिंदुओं पर मतभेद सामने आने की बात कही जा रही है।
वहीं, मामले में पूछताछ के लिए लालबाजार बुलाए जाने के बावजूद इंद्रनील सेन की बेटी आभेरी सेन मंगलवार को हाजिर नहीं हुईं। उन्होंने शारीरिक अस्वस्थता का हवाला दिया है। पुलिस ने उन्हें बुधवार दोपहर दो बजे दोबारा तलब किया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, कथित वित्तीय अनियमितता से जुड़ी रकम आभेरी सेन के बैंक खाते में भी पहुंची थी।
इसी सिलसिले में जांच अधिकारी उनसे पूछताछ करना चाहते हैं। उन्हें पहले भी दो बार नोटिस भेजा गया था, लेकिन वह पूछताछ के लिए नहीं पहुंचीं। पुलिस सूत्रों के अनुसार यदि वह बुधवार को भी हाजिर नहीं होती हैं तो दोबारा नोटिस भेजने के साथ गिरफ्तारी समेत अन्य कानूनी विकल्पों पर विचार किया जा सकता है।
पत्नी ने कहा- नाममात्र की थीं कंपनी में निदेशक
इस मामले में इंद्रनील सेन को कोलकाता पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। बहूबाजार थाने में दर्ज मामले के आधार पर ईडी ने भी मामला दर्ज किया था। हालांकि इंद्रनील को इस मामले में गिरफ्तारी से राहत नहीं मिली, जबकि उनकी पत्नी मधुछंदा सेन को कानूनी संरक्षण प्राप्त है। वह अब तक दो बार जांच अधिकारियों के सामने पेश हो चुकी हैं।
लालबाजार सूत्रों के मुताबिक, इंद्रनील और मधुछंदा को लगातार दो दिनों तक पूछताछ के लिए बुलाया गया। दोनों को आमने-सामने बैठाकर भी सवाल किए गए। इस दौरान उनके जवाबों में कई मुद्दों पर अंतर पाया गया।
मधुछंदा ने दावा किया कि वह मास आर्ट नामक संस्था में केवल नाममात्र की निदेशक थीं और इंद्रनील के कहने के मुताबिक ही काम करती थीं। उन्होंने यह भी बताया कि इस पूरे मामले को लेकर दोनों के बीच पारिवारिक विवाद भी हुआ करता था।
नौ सदस्यीय एसआइटी कर रही जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोलकाता पुलिस ने विशेष जांच दल (एसआइटी) का गठन किया है। इसकी अगुवाई डिप्टी कमिश्नर (स्पेशल) कर रहे हैं। शुरुआत में पांच सदस्यीय टीम बनाई गई थी, लेकिन बाद में जासूसी विभाग की धोखाधड़ी रोधी शाखा के चार अधिकारियों को भी इसमें शामिल किया गया।
अब एसआइटी में कुल नौ अधिकारी हैं। इंद्रनील सेन को कोलकाता पुलिस ने 13 दिनों की हिरासत में लिया है। उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है। हालांकि, जांच से जुड़े एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का मानना है कि इंद्रनील की ओर से दिए जा रहे सभी जवाबों को सही नहीं माना जा सकता।
100 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय हेराफेरी का आरोप
उल्लेखनीय है कि ईडी ने आरोप लगाया था कि कथित भ्रष्टाचार की रकम को वैध दिखाने के लिए कई कंपनियों के फर्जी बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया। पर्यटन विभाग के टेंडर समेत करीब 100 करोड़ रुपये की वित्तीय हेराफेरी का आरोप भी केंद्रीय जांच एजेंसी ने लगाया था।
कोलकाता पुलिस ने भी अपनी जांच में 26 संदिग्ध खातों का पता लगाया है। पुलिस को आशंका है कि इन खातों के माध्यम से हवाला के जरिए रकम का लेन-देन और हस्तांतरण किया गया।
पुलिस ने इस मामले में यूनेस्को से भी संपर्क किया था, लेकिन अब तक वहां से कोई जवाब नहीं मिला है। ऐसे में दिल्ली स्थित यूनेस्को कार्यालय में दोबारा आवेदन करने की तैयारी है।
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