राज्य ब्यूरो, कोलकता: कोरोना संकट के बीच शनिवार को दुर्गा अष्टमी के मौके पर हुगली ज़िले के कोन्नगर स्थित राजराजेश्वरी मंदिर में सरकारी निर्देशों का पालन करते हुए कुमारी पूजन का कार्यक्रम आयोजित की गई। सुबह मंदिर के पुरोहितों ने त्रिपुर सुन्दरी माता रानी का भव्य श्रृंगार किया। इसके बाद माता जगदंबा की विधिवत महाअष्टमी की पूजा की गई। मां दुर्गा की आराधना के बाद उनकी कन्या रूप में मंदिर के पुरोहित ब्रह्मचारी सच्चित स्वरूप महाराज ने एक बच्ची तथा भैरव बाबा के रूप में एक बच्चे की विधिवत पूजा की। 

कुमारी कन्या को लेकर भंडारा का आयोजन किया जाता था

हालांकि प्रत्येक वर्ष महाअष्टमी के दिन मंदिर में नौ कुमारी कन्याओं तथा एक बच्चे का पूजन किया जाता था। इसके साथ राजराजेश्वरी सेवा मठ की ओर से मंदिर परिसर में हजारों कुमारी कन्या को लेकर भंडारा का आयोजन किया जाता था। लेकिन कोरोना संक्रमण को घ्यान में रखते हुए इस बार केवल एक बच्ची एवं एक बच्चे का ही पूजा करके कुमारी पूजन का पालन किया गया।

मंदिर में भक्तों के बीच शारीरिक दूरी बनी रहे इसका ध्यान

सच्चित स्वरूप महाराज ने बताया कि कोरोना वायरस से आज पूरा विश्व लड़ रहा है। विश्व से कोरोना का अंत हो तथा समस्त संसार में शांति बनी रहे इस उद्देश्य से नवरात्रि के आरंभ वाले दिन से ही मंदिर परिसर में 1008 दीपों का अखण्ड ज्योत जलाया जा रहा है। भक्त माता रानी का दर्शन भी करें तथा मंदिर में भक्तों के बीच शारीरिक दूरी बनी रहे इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है। 

मंदिर के ठीक सामने एक सैनिटाइजर मशीन लगाई गई है

मालूम हो कि मंदिर के मुख्य द्वार से अन्दर आने वाले लोगों का सर्वप्रथम स्कैनिंग थर्मल मशीन से उनका तापमान मापा जा रहा है। साथ ही सैनिटाइज के बाद ही भक्तों को अंदर प्रवेश करने की अनुमति मिल रही है। थोड़ी दूर जाने के बाद मंदिर के ठीक सामने एक सैनिटाइजर मशीन लगाई गई है। इस मशीन के अंदर से ही भक्तों को प्रवेश होकर माता रानी का दर्शन करने की अनुमति दी जा रही है।

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