राज्य ब्यूरो, कोलकाता : बंगाल की विश्वविख्यात दुर्गापूजा का रंग  कोरोना के कारण इस बार पूरी तरह फीका है। गुरुवार को महाषष्ठी के साथ दुर्गापूजा का विधिवत शुभारंभ हो गया, लेकिन इस दिन हर साल कोलकाता की सड़कों पर जो भीड़ देखने को मिलती है, वह इस बार नदारद रही। कोरोना के अलावा इसकी एक और वजह कलकत्ता हाईकोर्ट का फैसला भी है। हाईकोर्ट ने सभी पूजा पंडालों को ‘नो एंट्री जोन’ घोषित कर दिया है। 

गुरुवार सुबह हुई बारिश ने भी उत्सव के उत्साह को कुछ फीका कर दिया है। इस बीच बंगाल की खाड़ी में उत्पन्न हुआ निम्न दबाव घनीभूत होता जा रहा है। मौसम विभाग ने सप्तमी के दिन से बारिश का दौर शुरू होने का पूर्वानुमान जताया है, जिससे उत्सव के बचे-खुचे से रंग में भंग पड़ सकता है।

एकडालिया एवरग्रीन, सिंघी पार्क, अहिरीटोला, त्रिधारा सम्मिलिनी, चेतला अग्रणी सहित कई प्रमुख पूजा पंडाल खाली नजर आ रहे हैं। दरअसल अदालत के फैसले के मुताबिक पूजा आयोजकों को ही अंदर जाने की अनुमति है।

संतोषपुर लेक पल्ली के सचिव सोमनाथ दास ने कहा-‘श्रद्धालु 10 मीटर की दूरी से मां दुर्गा के दर्शन कर रहे हैं। अभी तक ज्यादा लोग नहीं आए हैं। हमने यूट्यूब पर हमारी पूजा का सीधा प्रसारण करने का इंतजाम किया है।’ 

श्रीभूमि स्पोर्टिंग क्लब में आयोजकों ने पंडाल के बाहर मंच का एक हिस्सा हटा दिया है ताकि श्रद्धालु प्रतिमा का नजदीक से दर्शन कर सकें। कोलकाता पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि दिन में ज्यादा संख्या में श्रद्धालु सड़कों पर नहीं उमड़ रहे हैं। शहर में कहीं से भी अदालत के आदेश का उल्लंघन किए जाने की सूचना नहीं है। भीड़ प्रबंधन के लिए सभी इंतजाम किए गए हैं।

 

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