यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 16, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Doda Encounter: जोखिम चाहे जो हो... ईमानदारी से लड़ा मेरा बेटा, कैप्टन बृजेश थापा के पिता की बात सबको पढ़नी चाहिए
जम्मू-कश्मीर के डोडा में तीन जवानों के साथ कैप्टन बृजेश थापा ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। कैप्टन थापा के पिता ...और पढ़ें

HighLights
- पिता ने कहा- मुझे अपने बेटे पर है गर्व।
- आखिरी बार 14 जुलाई को हुई थी बात।
- दार्जिलिंग के रहने वाले थे बृजेश थापा।
पीटीआई, कोलकाता। सेना के बलिदानी कप्तान बृजेश थापा के पिता ने मंगलवार को कहा कि उन्हें अपने बेटे पर गर्व है, जो जम्मू-कश्मीर के डोडा में आतंकवादियों से लड़ते हुए बलिदान हो गए। कर्नल (सेवानिवृत्त) भुवनेश के. थापा ने याद किया कि उनका बेटा उनसे प्रेरित था और बचपन से ही भारतीय सेना में शामिल होना चाहता था। सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी ने कहा कि मुझे अपने बेटे पर गर्व है।
सैन्य अभियान में हमेशा जोखिम रहता है
उन्होंने दार्जिलिंग के लेबोंग से फोन पर समाचार एजेंसी को बताया कि यह एक सैन्य अभियान था और इस तरह के अभियान में हमेशा जोखिम रहता है। कर्नल थापा ने कहा कि जोखिम चाहे जो भी हो, सेना के जवानों को ईमानदारी से काम करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मेरे बेटे ने इस तरह के जोखिम भरे अभियान में ईमानदारी से लड़ाई लड़ी। कर्नल थापा ने कहा कि बृजेश एक इंजीनियर थे, लेकिन उन्होंने सेना में शामिल होने का फैसला लिया। उन्होंने बताया कि बृजेश ने उनसे आखिरी बार 14 जुलाई को फोन पर बात की थी।
मुख्यमंत्री व दार्जिलिंग के सांसद ने जताया शोक
बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य के दार्जिलिंग निवासी कैप्टन बृजेश थापा के जम्मू कश्मीर के डोडा में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में बलिदान होने पर शोक व्यक्त किया। दार्जिलिंग के सांसद राजू बिस्ट ने भी भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में थापा और तीन अन्य भारतीय सैनिकों के बलिदान पर शोक जताया।
बनर्जी ने इंटरनेट मीडिया मंच एक्स पर एक संदेश में कहा कि यह जानकर दुख हुआ कि दार्जिलिंग के एक युवा सैन्य अधिकारी बृजेश थापा ने जम्मू कश्मीर में कर्तव्य निभाते हुए बलिदान दे दिया। मेरी हार्दिक संवेदना। दार्जिलिंग के जिंग टी एस्टेट निवासी इस 27 वर्षीय युवा कैप्टन के पिता कर्नल (सेवानिवृत्त) भुवनेश के थापा हैं।
सांसद बिस्ट ने एक संदेश में कहा कि वह आज उन अमर भारतीयों की सेना में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने हमारे देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है। दार्जिलिंग के सांसद ने कहा कि गहन दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं कर्नल (सेवानिवृत्त) भुवनेश के थापा के साथ हैं।
