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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 16, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Doda Encounter: झुंझुनू जिले के दो लालों ने दिया सर्वोच्च बलिदान,फरवरी में घर आए थे बिजेंद्र, 3 साल पहले हुई थी अजय की शादी

Published: Tue, 16 Jul 2024 04:45 PM (IST)Updated: Tue, 16 Jul 2024 04:49 PM (IST)

राजस्थान के झुंझुनू जिले के गांव भैसावता कलां निवासी सिपाही अजय सिंह और डुमोली कलां गांव के रहने वाले सिपाही ...और पढ़ें

डोडा एनकाउंटर में राजस्थान के दो लाल वीरगति को प्राप्त। (फाइल फोटो)
डोडा एनकाउंटर में राजस्थान के दो लाल वीरगति को प्राप्त। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. झुंझुनू जिले के भैसावता कलां और डुमोली कलां के रहने वाले थे दोनों जवान।
  2. अजय सिंह ने छह साल पहले ज्वाइन की थी सेना, 2021 में हुआ था विवाह।
  3. दो बच्चों के पिता थे बलिदानी बिजेंद्र, आखिरी बार फरवरी में आए थे घर।

पीटीआई, जयपुर। राजस्थान के दो लालों ने जम्मू-कश्मीर के डोडा में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। दोनों सैनिक झुंझुनू जिले के रहने वाले थे। बलिदान की खबर जैसे ही उनके पैतृक गांवों में पहुंची वैसे ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। झुंझुनू जिले के सैनिक बिजेंद्र और अजय सिंह जम्मू और कश्मीर के डोडा में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में वीरगति को प्राप्त हुए हैं।

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ग्रामीण बोले- यह गर्व का क्षण है

सिपाही अजय सिंह झुंझुनू के भैसावता कलां गांव के रहने वाले थे। ग्रामीण पिंटू ने कहा, "यह हम सभी के लिए गर्व का क्षण है। सिपाही अजय सिंह ने देश की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है। यह दुख की बात है यह है कि मैंने एक ऐसा दोस्त खो दिया है जो मेरे लिए भाई जैसा था।

2021 में हुई थी अजय सिंह की शादी

रिश्तेदार गिरवर सिंह नरुका ने बताया कि अजय के चाचा भी सेना में हैं। उन्हें सेना मेडल मिल चुका है। एक अन्य रिश्तेदार के मुताबिक अजय सिंह छह साल पहले सेना में भर्ती हुए थे। 2021 में उनकी शादी हुई थी। अजय के पिता भी सेवानिवृत्त सैन्यकर्मी हैं। बलिदानी अजय सिंह का पार्थिव शरीर बुधवार को गांव आने की उम्मीद है।

आखिरी बार फरवरी में घर आए थे बिजेंद्र

सिपाही बिजेंद्र डुमोली कलां गांव के रहने वाले थे। चचेरे भाई ने बताया कि उन्हें फोन पर बलिदान होने की सूचना मिली है। परिवार ने बताया कि बिजेंद्र आखिरी बार फरवरी में घर आए थे। वे दो दो बच्चे पिता थे।

डोडा शहर से 55 किमी दूर हुई मुठभेड़

अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय राइफल्स और जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह के जवानों ने सोमवार देर शाम डोडा शहर से करीब 55 किलोमीटर दूर देसा वन क्षेत्र के धारी गोटे उरारबागी में संयुक्त घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया। इसी दौरान आतंकियों से मुठभेड़ हो गई। कुछ देर की फायरिंग के बाद आतंकियों ने भागने की कोशिश की। इसके बाद जवानों ने उनका पीछा किया। सोमवार रात करीब नौ बजे दोबारा गोलीबारी हुई। मुठभेड़ में चार जवानों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। इनमें से दो जवान झुंझुनू जिले के थे।

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