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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 10, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सेक्स वर्करों के लिए केंद्र से विशेष पैकेज की मांग, सीधे उनके बैंक खाते में रकम जमा करने का अनुरोध

By Preeti jhaEdited By:
Published: Wed, 10 Jun 2020 03:16 PM (IST)Updated: Wed, 10 Jun 2020 03:41 PM (IST)

ममता सरकार से भी बिना राशन कार्ड वाले सेक्स वर्करों को निशुल्क अनाज देने की मांग चिन्हित कर सीधे उनके बैंक खाते में अच्छी-खासी रकम जमा करने का अनुरोध

सेक्स वर्करों के लिए केंद्र से विशेष पैकेज की मांग, सीधे उनके बैंक खाते में रकम जमा करने का अनुरोध
सेक्स वर्करों के लिए केंद्र से विशेष पैकेज की मांग, सीधे उनके बैंक खाते में रकम जमा करने का अनुरोध

कोलकाता, राज्य ब्यूरो। दुर्बार महिला समन्वय कमेटी ने सेक्स वर्करों के लिए केंद्र सरकार से विशेष पैकेज की मांग की है। दुर्बार की छत्रछाया में आने वाले सोनागाछी रिसर्च एंड ट्रेनिंग इंस्टीच्यूट के प्रिंसिपल डॉ.स्मरजीत जाना ने कहा-'पिछले दो महीने से सेक्स वर्कर बेकार हैं। दिन-ब-दिन खराब होते हालात को देखते हुए हमने अभी उन्हें क्लाइंट लेने से मना किया है। गौरतलब है कि दुर्बार महिला समन्वय कमेटी सेक्स वर्करों के कल्याण के लिए काम करने वाली प्रमुख संस्था है। 

लॉकडाउन शुरू के समय से ही दुर्बार की तरफ से ऐसे बहुत से सेक्स वर्करों के खाने-पीने की व्यवस्था की गई, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं। कुछ सेक्स वर्करों के लिए वैकल्पिक रोजगार का भी इंतजाम किया गया। उन्हें मास्क, सैनिटाइजर और सैनिटरी नैपकिन तैयार करने का काम दिया गया है । एक संस्था के रूप में हमारे लिए सभी सेक्स वर्करों के लिए सबकुछ कर पाना संभव नहीं है इसलिए हम चाहते हैं कि केंद्र सरकार इस समुदाय विशेष की बदहाली पर ध्यान देते हुए उनके लिए विशेष पैकेज की व्यवस्था करे। सेक्स वर्करों को चिन्हित कर सीधे उनके बैंक खाते में अच्छी-खासी रकम जमा की जाए।'

डॉ. जाना ने आगे कहा-' हमने बंगाल सरकार से भी मदद की गुहार लगाई है। सभी सेक्स वर्करों के पास राशन कार्ड नहीं हैं इसलिए हमने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर उनके लिए नि: शुल्क राशन की व्यवस्था करने का अनुरोध किया है। इसके अलावा सोनागाछी में सेक्स वर्कर जिन मकानों में रहती हैं, उनका तीन महीने का किराया माफ करने का भी मकान मालिकों से अनुरोध किया जा रहा है।

गौरतलब है कि दुर्बार महिला समन्वय कमेटी सेक्स वर्करों के कल्याण के लिए काम करने वाली प्रमुख संस्था है। 

पुरुलिया में फिर मिले नौ कोरोना पॉजिटिव मरीज

पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में मंगलवार को नौ प्रवासी मजदूरों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव मिली है। सभी गुजरात और महाराष्ट्र से श्रमिक स्पेशल ट्रेन से आए थे। इसके बाद जिले के अलग-अलग क्वारंटाइन सेंटर में रखे गये थे। अब सभी कोविड-19 अस्पताल में आइसोलेट कर दिए गए हैं। जिले में अब पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़कर 83 हो गयी है। डीआइसीओ पल्लव पाल के मुताबिक, जिले के पाड़ा प्रखंड में दो, बाघमुंडी में दो, पुरुलिया-2 में दो, पुरुलिया-1 में दो तथा झालदा-2 प्रखंड में एक मरीज मिला है।

प्रशासन ने इनके घर के सदस्यों को होम क्वारंटाइन कर दिया है। वहीं, पुरुलिया देवेन मेडिकल कॉलेज अस्पताल से दो लोगों को आइसोलेशन वार्ड, 57 लोगों को क्वारंटाइन सेंटर तथा एक हजार 416 लोगों को होम क्वारंटाइन से छोड़ा गया। जबकि, जिले के क्वारंटाइन सेंटर में छह हजार 663 व होम क्वारंटाइन में 17 हजार 313 लोग रखे गए हैं।