कोलकाता, जागरण संवाददाता । नील रतन सरकार (एनआरएस) मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल के बीच अब राज्य के विभिन्न मेडिकल कालेज के डाक्टरों ने इस्तीफा देना शुरू कर दिया है।बंगाल के 250 से अधिक डॉक्टरों ने सामूहिक इस्तीफा दिया है। इससे राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था बुरी तरह चरमरा जाने की आशंका उत्पन्न हो गई है। इस क्रम में शुक्रवार को एनआरएस मेडिकल कालेज, उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज व आरजी कर मेडिकल कॉलेज समेत चार मेडिकल कालेजों के प्रिंसिपल ने इस्तीफे की पेशकश कर दी।

वहीं, मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल के अलावा आरजी कर मेडिकल कॉलेज के 96 डाक्टर, एसएसकेएम अस्पताल के 110 डॉक्टर, चित्तरंजन नेशनल मेडिकल कॉलेज के 58 डॉक्टर तथा उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज के 14 डॉक्टर्स ने अपना इस्तीफा दे दिया है। एसएसकेएम अस्पताल में इस्तीफा देने वाले अधिकांश चिकित्सकों में स्किन तथा मेडिसिन विभाग के डॉक्टर शामिल हैं। वहीं स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक उत्तर बंगाल मेडिकल कालेज में इस्तीफा देने वालों में चार डॉक्टर मनोरोग विभाग के हैं।

उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज व अस्पताल के दो डॉक्टरों ने राज्य में डॉक्टरों के खिलाफ हिंसा के विरोध में इस्तीफा दे दिया है। कुछ और डॉक्टरों द्वारा इस्तीफा दिए जाने की संभावना है। 

जानकारी हो महाराष्ट्र और दिल्ली में भी डॉक्टरों ने इस मुद्दे पर प्रदर्शन शुरू कर दिया है और हड़ताल का ऐलान किया है। बंगाल में आज डॉक्टरों की हड़ताल का तीसरा दिन है। पश्चिम बंगाल में हड़ताली डॉक्टरों ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की बात नहीं सुनी है। ममता बनर्जी ने कल दोपहर 2 बजे तक काम पर लौटने का अल्टीमेटम दिया था, लेकिन डॉक्टर अपने रुख पर कायम हैं। बंगाल के डॉक्टरों ने राज्यपाल से मिलकर ममता के उस बयान की भी निंदा की है जिसमें उन्होंने कहा था मैं हड़ताल पर गए डॉक्टरों की निंदा करती हूं। पुलिसवाले ड्‌यूटी करते हुए शहीद हो जाते हैं लेकिन पुलिस हड़ताल पर नहीं जाती।

मंगलवार को पहले जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर गए थे, बाद में सीनियर डॉक्टर्स भी हड़ताल में शामिल हो गए थे।डॉक्टरों की हड़ताल की वजह से अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ठप हैं। यहां तक कि इमरजेंसी सेवा भी बाधित हैं। कोलकाता के एनआरएस अस्पताल में साथी डॉक्टरों की पिटाई के बाद से डॉक्टर हड़ताल पर चले गए हैं। बता दें कि एक मरीज की मौत के बाद उसके परिजनों से डॉक्टर की पिटाई कर दी थी।

डॉक्टरों की हड़ताल को देखते हुए काफी संख्या में पुलिस एनबीएमसीएच परिसर में तैनात है। इधर, जूनियर डॉक्टरों ने एक बार फिर कहा कि जब तक कोलकाता के नीलरतन सरकार मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बीते सोमवार की रात जूनियर डॉक्टरों के साथ हुई मारपीट की घटना में जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार कर उन पर कार्रवाई नहीं होती है, तब तक उनका यह हड़ताल जारी रहेगा।

जूनियर डॉक्टरों ने बीते बुधवार से ही ओपीडी सेवा ठप रखे हैं। इसको लेकर मरीज के परिजनों नें भी गुरुवार को जमकर विरोध प्रदर्शन किया था। वही बुधवार से ओपीडी सेवा भी ठप होने से एनबीएमसीएच का चिकित्सा व्यवस्था चरमरा गई है। आपातकालीन सेवा के लिए एनबीएमसीएच की ओर से गुरुवार को भी वैकल्पिक व्यवस्था की गई है।

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Posted By: Preeti jha

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