कोलकाता, राज्य ब्यूरो। कोरोना महामारी की वजह से जेलों(सुधागृहों) से कैदियों को पैरोल व जमानत पर छोड़ा जा रहा है। पश्चिम बंगाल के जेल विभाग ने जेलों में कैदियों की भीड़ कम करने के लिए और 850 कैदियों को पैरोल और जमानत पर छोड़ने के लिए एक नई सूची तैयार की है। बताते चलें कि राज्य के विभिन्न जेलों से 3,000 कैदियों को मुक्त करने के निर्णय के एक हफ्ते बाद यह नई सूची तैयार की गई है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि प्रारंभिक सूची में करीब 1,500 कैदियों को जमानत या फिर पैरोल पर रिहाई दी गई है। हमने 850 कैदियों की एक और सूची तैयार की है और इस मामले पर निर्णय लेने के लिए सूची अदालतों को भेज दी गई है।

नवीनतम सूची में लगभग 700 सजा प्राप्त अपराधी हैं, जबकि शेष विचाराधीन कैदी हैं। उन्होंने कहा कि कलकत्ता उच्च न्यायालय ने मार्च में पश्चिम बंगाल के सभी सुधारगृहों में कैदियों की संख्या की जांच के लिए तीन सदस्यीय एक पैनल का गठन किया था जिसने एक रिपोर्ट तैयार की थी। उसी आधार पर उन कैदियों की सूची तैयार की गई है कि जिन्हें जेलों में भीड़ कम करने के लिए जमानत या पैरोल दी जा सकती है।

अदालत द्वारा निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार यह सूची तैयार की गई है। अधिकारी ने कहा कि सात साल या उससे कम समय के लिए जेल की सजा पाए कैदियों को पैरोल के लिए रिहा किए जाने वालों की सूची में शामिल किया गया है। पश्चिम बंगाल में लगभग 60 जेल हैं, जिनमें लगभग 25,000 कैदी हैं। उनमें से करीब 7,000 सजा प्राप्त कैदी हैं जबकि शेष विचाराधीन हैं। बताते चलें कि कोरोना की वजह से जेल विभाग ने परिजनों को कैदियों से मिलने पर रोक लगा रखी है। 

Posted By: Preeti jha

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