राज्य ब्यूरो, कोलकाता : त्रिपुरा के पूर्व राज्यपाल तथा बंगाल भाजपा के वरिष्ठ नेता तथागत राय के एक आपत्तिजनक ट्वीट ने नया विवाद खड़ा कर दिया है।उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट पर भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव व बंगाल के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय की तस्वीर का एक कोलाज शेयर किया है। इसमें विजयवर्गीय की तस्वीर को वोडाफोन के विज्ञापन में दिखने वाले कुत्ते के साथ साझा किया है। तस्वीर के कैप्शन में लिखा है- वोडाफोन इन वेस्ट बंगाल अगेन। यानी इसका मतलब है वोडाफोन फिर से बंगाल में। इस ट्वीट ने सबको हैरत में डालने के साथ ही अपनी पार्टी के लिए भी मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। दरअसल, राय अपने तीखे और विवादास्पद बयानों के लिए जाने जाते हैं। राज्य विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद से ही वे लगातार प्रदेश भाजपा के नेताओं व विजयवर्गीय की आलोचना करते आ रहे हैं।

यूजर्स के जवाब में ट्वीट की तस्वीर

जानकारी के मुताबिक, राय के ट्विटर अकाउंट पर एक यूजर ने लिखा था कि भाजपा की हार के बाद भी कैलाश विजयवर्गीय बंगाल में भाजपा प्रभारी हैं। इस ट्वीट का जवाब देते हुए उन्होंने यह आपत्तिजनक तस्वीर साझा की। इंटरनेट मीडिया यूजर ने लिखा था कि बंगाल में हार के बाद भी कैलाश विजयवर्गीय का नाम अभी तक किसी ने नहीं लिया है। शायद, पार्टी के शीर्ष नेता उन्हें बचा रहे हैं। इसी कारण वह अभी भी बंगाल भाजपा प्रभारी बने हुए हैं। कोलकाता में क्या हो रहा है, इससे भाजपा अंजान है।

राय ने दिलीप घोष व विजयवर्गीय को ठहराया था हार का जिम्मेदार

उल्लेखनीय है कि बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा की हार के बाद राय ने तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष, बंगाल के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय, सह प्रभारी शिव प्रकाश व अरविंद मेनन को जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने मई में आए विधानसभा चुनाव के परिणाम के बाद ट्वीट किया था कि कैलाश, दिलीप, शिव व अरविंद जैसे नेताओं ने हेस्टिंग्स भवन और सात सितारा होटलों में बैठकर तृणमूल कांग्रेस से आने वाले लोगों को टिकट दिया जिसने दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक दल का नाम बदनाम किया है। उन्होंने इससे पहले भी सवाल उठाया था कि भाजपा की हार के बाद भी विजयवर्गीय बंगाल के प्रभारी क्यों बने रहे।

टीएमसी ने हासिल की थी बड़ी जीत

उल्लेखनीय है कि बंगाल चुनाव में ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने बड़ी जीत हासिल की थी। पार्टी ने 294 सीटों में से 213 सीटों पर कब्जा जमाया था, वहीं भाजपा को महज 77 सीटों पर संतोष करना पड़ा था।

Edited By: Vijay Kumar