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बंगाल: नंदीग्राम हिंसा पर मानवाधिकार आयोग पहुंची कांग्रेस, निष्पक्ष जांच की मांग

Published: Fri, 16 Oct 2026 04:43 PM (GMT+05:30)

कांग्रेस ने नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव से पहले और बाद हुई हिंसा के आरोपों को लेकर राज्य मानवाधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाया है।

कांग्रेस ने नंदीग्राम हिंसा पर मानवाधिकार आयोग का रुख किया।

कांग्रेस ने नंदीग्राम हिंसा पर मानवाधिकार आयोग का रुख किया।

HighLights

  1. कांग्रेस ने नंदीग्राम हिंसा पर मानवाधिकार आयोग का रुख किया।

  2. निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और मुआवजे की मांग की।

  3. नंदीग्राम के 11 घायलों व प्रभावितों की सूची भी सौंपी।

जागरण ब्यूरो, कोलकाता। नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव से पहले और बाद में हुई हिंसा के आरोपों को लेकर कांग्रेस ने राज्य मानवाधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने आयोग के चेयरपर्सन इंद्रप्रसन्न मुखोपाध्याय को पत्र लिखकर घटनाओं की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने और घायलों व प्रभावितों को चिकित्सा सहायता तथा उचित मुआवजा देने की मांग की है।

कांग्रेस ने आयोग को नंदीग्राम के सोनाचूड़ा, आमदाबाद, रेयापाड़ा, भेकुटिया, केंदमारी, सामसाबाद और नैयान इलाके के 11 घायलों व प्रभावितों के नामों की सूची भी सौंपी है। पत्र में दावा किया गया है कि उपचुनाव से पहले और बाद में हुई हिंसक घटनाओं में कई लोग घायल हुए हैं।

पार्टी ने इन घटनाओं को नागरिकों के मौलिक अधिकारों, व्यक्तिगत सुरक्षा और भयमुक्त होकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने के अधिकार से जुड़ा गंभीर मामला बताया है।

राजनीतिक पहचान से परे न्याय की मांग

कांग्रेस ने आयोग के सामने सात सूत्री मांगें रखते हुए कहा है कि प्रत्येक नागरिक को उसकी राजनीतिक पहचान से परे न्याय पाने का अधिकार है। पार्टी ने आयोग से जल्द हस्तक्षेप करने की अपील की है, ताकि किसी भी प्रभावित व्यक्ति को राजनीतिक कारणों से न्याय और सहायता से वंचित न रहना पड़े।

गौरतलब है कि इससे पहले रेजिनगर में उपचुनाव से पहले अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों को पुलिस के जरिए परेशान किए जाने का आरोप लगाते हुए आम जनता उन्नयन पार्टी के अध्यक्ष व विधायक हुमायूं कबीर ने भी मानवाधिकार आयोग से शिकायत की थी।

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