कोलकाता, राज्य ब्यूरो। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (CM Mamta Banerjee) ने एक सभा को संबोधित करते हुए कहा-'मुझे केंद्र से एक पत्र मिला है, जिसमें बंगाल सरकार से चार साल बाद अग्निवीरों (Agniveer) को नौकरी देने का आग्रह किया गया है। वे चाहते हैं कि मैं भाजपा कार्यकर्ताओं को नौकरी दूं। हम क्यों, पहली प्राथमिकता राज्य के युवाओं को दी जाएगी।'

अग्निपथ योजना (Agnipath Scheme) को गत 14 जून को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित किया गया था। इसके तहत सशस्त्र बलों की भर्ती प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। ममता ने बुधवार को ट्विटर पर उदयपुर की घटना की भी निंदा की। उन्होंने लिखा-'हिंसा और उग्रवाद अस्वीकार्य हैं, चाहे कुछ भी हो! मैं उदयपुर में जो कुछ भी हुआ, उसकी कड़ी निंदा करती हूं। कानून अपना काम करेगा। मैं सभी से शांति बनाए रखने का आग्रह करती हूं।'

इससे पहले बर्द्धमान के गोदा मैदान से भी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने  केंद्र सरकार के अग्निपथ योजना को लेकर जुबानी हमला किया था। वहीं मनरेगा योजना, बांग्ला आवास योजना, बांग्ला सड़क योजना के लिए फंड नहीं देने पर केंद्र पर निशाना साधा था।

उन्होंने केंद्र की अग्निपथ योजना के तहत चार वर्ष की नौकरी देने का विरोध कर कहा था कि अग्निवीरों को चार वर्ष नहीं बल्कि 60-65 वर्ष के लिए नौकरी देनी होगी। युवा प्रशिक्षण लेकर चार वर्ष की नौकरी करेंगे, उनका बाकी जीवन का क्या होगा। हमलोग राज्य में भी जरूरत के क्षेत्र में नौकरी की उम्र 60 से बढ़ाकर 65 वर्ष किए है। मुख्यमंत्री ने कटाक्ष करते हुए कहा था कि उज्जवला योजना की तरह लोकसभा चुनाव को देखकर चार वर्ष की नौकरी भाजपा की सरकार दे रही है। चार वर्ष बाद वे बेरोजगार युवक लालीपप खाएंगे। मनरेगा योजना का फंड न मिलने पर भी उन्होंने केंद्र सरकार पर कटाक्ष कर कहा था कि मनरेगा योजना के मजदूर काफी कष्ट कर काम करते है। संविधान के नियम के अनुसार 15 दिन में उन्हें मजदूरी मिलनी चाहिए। केंद्र यहां से रुपया लेकर जाती है, उसका एक भाग हमलोगों को मिलता है। लेकिन छह माह से भाजपा सरकार ने मनरेगा का रुपया नहीं दिया।

Agnipath Scheme Protest: अग्निपथ योजना को लेकर फैलाई जा रहीं कई अफवाह, जानिए- क्‍या है सच्‍चाई

Edited By: Sumita Jaiswal