आजादी के 79 साल बाद बंगाल के चकदह गांव में पहली बार पहुंची बिजली, दीवाली के मौके पर रोशन हुए घर
पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के चकदह गांव में आजादी के 79 साल बाद पहली बार बिजली पहुंची है, जिससे 400 आदिवासी परिवारों के घर रोशन हुए हैं।

बंगाल के चकदह गांव में पहली बार पहुंची बिजली (फोटो-सोशल मीडिया)
HighLights
पश्चिम बंगाल के चकदह गांव में 79 साल बाद बिजली पहुंची।
400 आदिवासी परिवारों के घर दीवाली से पहले जगमगा उठे।
स्थानीय भाजपा विधायक संतू पाल ने बिजली पहुंचाने में भूमिका निभाई।
डिजिटल डेस्क, कोलकाता। दीवाली के मौके पर हर तरफ रोशनी नजर आती है। लोग घरों को लाइट से सजाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पश्चिम बंगाल में एक ऐसा गांव है, जहां आजादी के 79 साल बाद तक भी बिजली नहीं पहुंची थी।
इस बात पर उन लोगों के लिए भरोसा कर पाना मुश्किल है, जिन्होंने अपने घरों में बचपन से बिजली देखी हो। वहीं बंगाल के चकदह गांव में अब जाकर बिजली के खंभे लगे हैं।
गांव तक पहली बार पहुंची बिजली
पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के चकदह गांव में करीब 400 आदिवासी परिवार रहते हैं। इन लोगों के घरों तक बिजली पहुंचने से गांव रोशनी से जगमगा गया है।
79 साल बाद इस गांव तक बिजली पहुंचने की वजह बंगाल में हुआ सत्ता परिवर्तन बताया जा रहा है। जानकारी सामने आई है कि इस गांव में बिजली के खंभे तो कई साल पहले लगा दिए गए थे, लेकिन बिजली अब जाकर पहुंच पाई है।
लोगों को मिला बिजली कनेक्शन
तारकेश्वर विधानसभा क्षेत्र की अष्टरादत्तपुर ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले चकदह गांव में आजादी के बाद पहली बार बिजली पहुंची है। गांव में लोगों को पहली बार बिजली कनेक्शन मिला है। दीवाली में इस बार यहां के 400 आदिवासी परिवार एक नई उम्मीद के साथ त्योहार मनाने वाले हैं।
गांव में बिजली आने से दीवाली और काली पूजा से पहले यहां के लोगों में खुशी का माहौल है। स्थानीय भारतीय जनता पार्टी विधायक संतू पाल ने इस काम में अहम भूमिका निभाई। राज्य में बीजेपी की सरकार बनने के बाद उन्होंने चुनाव के दौरान लोगों से किया अपना वादा पूरा किया है।
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