कोलकाता, राज्य ब्यूरो। बंगाल में आगामी 20 फरवरी तक कोरोना का टीका नहीं लगवाने वाले सरकारी चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को टीका लग पाना मुश्किल हो सकता है। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक केंद्र की ओर से राज्य सरकार को साफ कह दिया गया है कि 20 फरवरी तक कोरोना का टीकाकरण कार्यक्रम पूरा करना होगा।

गौरतलब है कि बंगाल में मंगलवार शाम तक 50 फीसद चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों का ही कोरोना का टीकाकरण हो पाया है। बहुत से चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी कोरोना का टीका लगवाने को लेकर दुविधा में हैं। सूत्रों के अनुसार बंगाल में अभी भी तीन लाख से अधिक चिकित्सकों व स्वास्थ्यकर्मियों ने कोरोना का टीका नहीं लगवाया है। 20 फरवरी तक अगर वे टीका नहीं लगवाएंगे तो उनके नाम अगली सूची में डाल दिए जाएंगे।अगली सूची में 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोग व 50 के नीचे विभिन्न बीमारियों वाले लोग शामिल हैं। जो चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मी इसके दायरे में नहीं आएंगे, उन्हें आने वाले समय में बाजार से खुद कोरोना का टीका खरीदकर लगवाना पड़ सकता है।

राज्य के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अजय चक्रवर्ती ने बताया-'बंगाल में 679 जगहों पर एक दिन में 26,310 चिकित्सकों व स्वास्थ्यकर्मियों के लिए कोरोना का टीका लगवाने की व्यवस्था की गई है। अब तक 3,82,006 चिकित्सकों व स्वास्थ्यकर्मियों को कोरोना का टीका लगाया गया है। एक दिन में सबसे ज्यादा 1,015 चिकित्सकों व स्वास्थ्यकर्मियों को टीका लगाया गया है। टीकाकरण की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।'

डॉक्टर चक्रवर्ती ने आगे कहा-'हम इस बात को भली-भांति समझ रहे हैं कि 20 फरवरी तक टीकाकरण सुनिश्चित नहीं होने पर बचे हुए सभी चिकित्सकों व स्वास्थ्यकर्मियों के लिए अपने स्तर पर कोरोना का टीका लगवाना मुश्किल भरा हो सकता है। 

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