-राज्य के डीजीपी को सीबीआइ ने मेल भेजकर मांगी अनुमति

-कोलकाता के सीपी, एसीपी, आइजी (रेल) व पूर्व सीआइडी चीफ से पूछताछ करना चाहती है सीबीआइ

जागरण संवाददाता, कोलकाता : हजारों के करोड़ के सारधा चिटफंड घोटाले में अब सीबीआइ कोलकाता पुलिस के आयुक्त समेत चार आइपीएस अफसरों से पूछताछ करना चाहती है। इस बाबत अनुमति के लिए सीबीआइ की ओर राज्य के पुलिस महानिदेशक वीरेंद्र को मेल भेजा गया है। साथ ही चारों आइपीएस को भी उनके मेल पर इसकी सूचना भेजी गई है। बताते चलें कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर जांच शुरू करने से पहले सारधा चिटफंड घोटाले की जांच के लिए बंगाल सरकार ने एसआइटी गठित की थी जिसके नेतृत्वकर्ता कोलकाता के पुलिस आयुक्त राजीव कुमार थे। वे उस समय विधाननगर के पुलिस आयुक्त थे। इसके अलावे सीबीआइ कोलकाता पुलिस के अतिरिक्त आयुक्त विनित गोयल, आइजी (रेल) तमाल बोस व सीआइडी के पूर्व प्रमुख पलल्वकांति घोष से पूछताछ करना चाहती है। इन लोगों से 24 अगस्त से पहले पूछताछ करना चाहती है।

बताते चलें कि वर्ष 2013 में सारधा चिटफंड घोटाला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया था। ममता सरकार ने तत्काल विधाननगर पुलिस कमिश्नरेट के आयुक्त राजीव कुमार के नेतृत्व में घोटाले की जांच के लिए एसआइटी गठित कर दिया था। इसके बाद पुलिस ने कश्मीर से सारधा घोटाले के सूत्रधार व मालिक सुदीप्त सेन तथा निदेशक देवयानी मुखर्जी, अरविंद सिंह चौहान को गिरफ्तार कर लिया था। आरोप लगा था कि जांच के दौरान कुछ प्रभावशाली लोगो को बचाने के लिए घोटाले से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को नष्ट कर दिया गया है। मई 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने घोटाले की जांच सीबीआइ को सौंप दी थी। बड़े स्तर पर किए गए आर्थिक घोटाले की जांच में जुटी सीबीआइ अब चार सीनियर आइपीएस अफसरों को सीजीओ काम्प्लेक्स स्थित दफ्तर में बुलाकर पूछताछ करना चाहती है। इस बाबत राज्य के पुलिस महानिदेशक रवींद्र को ई-मेल भी भेजा है।

सूत्रों के अनुसार वर्तमान में कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार को पहले भी 2 दफा पूछताछ के लिए सीजीओ काम्प्लेक्स तलब किया गया था। लेकिन वह पहले पूजा में व्यस्तता फिर अन्य कारण बताकर नहीं गए थे। बल्कि सीबीआइ अधिकारी को पत्र भेजकर राजनीतिक दबाव के चलते नोटिस भेजने का आरोप लगाया था। सूत्रों की माने तो सुदीप्त सेन की गुम हुई लाल डायरी और पेन ड्राइव के बाबत भी सीबीआइ उक्त चारों आइपीएस से पूछताछ करना चाहती है। हालांकि अभी पुलिस महानिदेशक की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप