पश्चिम बंगाल : डिजिटल गिरफ्तारी मामले की अब CBI करेगी जांच, कलकत्ता हाई कोर्ट ने दिया निर्देश
कलकत्ता हाई कोर्ट ने कोलकाता के नरेंद्रपुर थाने में 2024 में दर्ज डिजिटल गिरफ्तारी धोखाधड़ी मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का निर्देश दिया है।

कलकत्ता हाई कोर्ट ने डिजिटल गिरफ्तारी मामले की जांच सीबीआई को सौंपी (फोटो- ANI)
HighLights
कलकत्ता हाई कोर्ट ने डिजिटल गिरफ्तारी मामले की जांच सीबीआई को सौंपी।
नरेंद्रपुर थाने में दर्ज 2.66 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला।
पुलिस जांच में प्रगति न होने पर हाई कोर्ट ने दिया निर्देश।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। कोलकाता से सटे नरेंद्रपुर थाने में 2024 में दर्ज डिजिटल गिरफ्तारी के मामले की जांच अब सीबीआइ करेगी। कलकत्ता हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने बुधवार को मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंपने का निर्देश दिया। मामले में एक बुजुर्ग को डिजिटल गिरफ्तारी के नाम पर करीब 2.66 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी कर सर्वस्व गंवाने का आरोप है।
अदालत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने एक दिसंबर 2025 को स्वत: संज्ञान मामले में डिजिटल गिरफ्तारी के नाम पर होने वाली रंगदारी के सभी मामलों की जांच सीबीआइ को सौंपने का निर्देश दिया था। नरेंद्रपुर मामले में पुलिस जांच में अपेक्षित प्रगति नहीं होने के कारण इसे भी केंद्रीय एजेंसी को सौंपना उचित है। हाई कोर्ट ने नरेंद्रपुर थाने को सात दिनों के भीतर केस डायरी समेत मामले से जुड़े सभी दस्तावेज सीबीआइ को सौंपने का निर्देश दिया है।
बैंक की भूमिका पर भी अदालत सख्त
संबंधित बैंक की ओर से CBI जांच पर आपत्ति जताने की कोशिश की गई। इस पर न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने बैंक की ओर से पेश अधिवक्ता से पूछा कि क्या ग्राहकों की शिकायतों के समाधान के लिए बैंक ने कोई शिकायत निवारण पोर्टल बनाया है।
अदालत ने कहा कि पहले यह बताया जाए कि ऐसा पोर्टल मौजूद है या नहीं। न्यायमूर्ति ने बैंक की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस संबंध में अब सीबीआइ के समक्ष जवाब देना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि ग्राहकों की समस्या के समाधान के लिए ऐसा पोर्टल ही नहीं बनाया गया है तो बैंक की ओर से CBI जांच पर आपत्ति स्वीकार नहीं की जाएगी।
