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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 22, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Bengal SSC Scam: शिक्षक भर्ती को लेकर जिस तरह घोटाला हुआ, वह कल्पना से परे: सीबीआइ

By Sachin Kumar MishraEdited By:
Published: Thu, 22 Sep 2022 08:04 PM (IST)

Bengal SSC Scam प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाले की सीबीआइ रिपोर्ट देखकर कलकत्ता हाई कोर्ट के न्यायाधीश अभिजीत गंगोपाध्याय हैरत में ...और पढ़ें

शिक्षक भर्ती को लेकर जिस तरह घोटाला हुआ, वह कल्पना से परे: सीबीआइ। फाइल फोटो
शिक्षक भर्ती को लेकर जिस तरह घोटाला हुआ, वह कल्पना से परे: सीबीआइ। फाइल फोटो

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। Bengal SSC Scam: प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाले की सीबीआइ रिपोर्ट देखकर कलकत्ता हाई कोर्ट के न्यायाधीश अभिजीत गंगोपाध्याय हैरत में पड़ गए। दरअसल, सीबीआइ ने न्यायाधीश गंगोपाध्याय की एकल पीठ में जमा की गई अपनी रिपोर्ट में कहा है कि प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती को लेकर जिस तरह से घोटाला हुआ है, वह कल्पना से परे है। आम लोग इसके बारे में जानेंगे तो अवाक रह जाएंगे।

अंतिम चरण में पहुंची जांच

सूत्रों के मुताबिक, सीबीआइ की रिपोर्ट में कहा गया है कि प्राथमिक शिक्षक के तौर पर जिन लोगों की भर्ती की गई है, उनमें से अधिकांश टेट (शिक्षक पात्रता परीक्षा) में शामिल ही नहीं हुए। सीबीआइ ने अदालत को सूचित किया है कि जांच सही दिशा में और सही गति से आगे बढ़ रही है। वह जांच के एकदम अंतिम चरण में पहुंच गई है। शिक्षकों की भर्ती में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है।

जानें, क्या है मामला

गौरतलब है कि शिक्षक भर्ती घोटाले से जुड़ी एक याचिका पर बुधवार को सुनवाई करते हुए न्यायाधीश अभिजीत गंगोपाध्याय ने स्कूल सेवा आयोग को 28 सितंबर तक ग्रुप 'सी' और 'डी' में 923 योग्य उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र देने का निर्देश दिया था। न्यायाधीश गंगोपाध्याय ने कहा था कि नियुक्ति पत्र काउंसिलिंग के दिन सौंप दिया जाना चाहिए और भर्ती प्रक्रिया 28 सितंबर से शुरू हो जानी चाहिए।

बंगाल में शिक्षकों की भर्ती में हुए भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी की महिला मित्र अर्पिता मुखर्जी सरकारी गवाह बन गई है। सूत्रों के मुताबिक ईडी की ओर से पिछले दिनों अलीपुर की विशेष अदालत में जमा की गई चार्जशीट में यह जानकारी दी गई है। माना जा रहा है कि इससे पार्थ की मुश्किलें और बढ़ेंगी। साथ में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के अन्य बड़े नेता भी मुश्किल में फंस सकते हैं। चार्जशीट में दावा किया गया है कि पूछताछ के दौरान अर्पिता ने ईडी अधिकारियों से सरकारी गवाह बनने की गुहार लगाई है। इसके लिए उसने आवेदन किया है। दरअसल, अर्पिता के फ्लैट से करीब 50 करोड़ रुपये अधिक नकद, 4.5 करोड़ के गहने और सात से अधिक देशों की विदेशी मुद्रा बरामद हो चुकी है।

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