राज्य ब्यूरो, कोलकाता। श्यामाप्रसाद मुखर्जी पोर्ट (एसएमपी), कोलकाता ने सतर्कता जागरूकता सप्ताह कार्यक्रम के दौरान 24 नवंबर को एके सिंह, डीआइजी और एचओबी, सीबीआइ, एसीबी, कोलकाता के साथ एक संवादात्मक सत्र का आयोजन किया। एसएमपी, कोलकाता के अध्यक्ष विनीत कुमार ने सत्र की अध्यक्षता की। इस अवसर पर अपने संबोधन के दौरान अध्यक्ष विनीत कुमार ने पारदर्शी और लोगों के अनुकूल प्रक्रियाओं के संचालन और प्रशासन के संबंध में डिजिटल साधनों के बेहतर उपयोग पर बहुमूल्य मार्गदर्शन दिए।

वहीं, इस आकर्षक सत्र के दौरान सीबीआइ के डीआइजी एके सिंह ने स्पष्ट रूप से सरकारी कार्मिकों की अतिरिक्त जिम्मेदारी के बारे में विस्तारपूर्वक चर्चा की और याद दिलाया कि वे अपने सामाजिक और व्यावसायिक दोनों क्षेत्रों में सत्यनिष्ठा के उच्चतम मानकों को बनाए रखें। सिंह ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के विभिन्न पहलुओं की भी व्याख्या की और प्रतिभागियों के प्रश्नों का संतोषजनक उत्तर दिए। इससे पहले डा प्रीति महतो, मुख्य सतर्कता अधिकारी, एसएमपी, कोलकाता ने अतिथि और शीर्ष स्तर के अधिकारियों का स्वागत करते हुए संगठनात्मक स्तर पर अखंडता के माध्यम से आत्मनिर्भरता के लिए प्रणाली में सुधार पर जोर दिया।

सत्र से पहले अध्यक्ष, एसएमपी ने पेंशन संबंधी मुद्दे पर एक बैठक की, जहां उन्होंने डिजिटल माध्यमों के उपयोग को बढ़ाने के साथ- साथ पेंशन वितरण प्रणाली को और अधिक पारदर्शी और पेंशनभोगियों के अनुकूल बनाने पर जोर दिया। इसके अलावा संगठन के संचालन और प्रशासन से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर एसएमपी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अध्यक्ष ने एक और बैठक की। इस दौरान एके.मेहरा, उपाध्यक्ष, एचडीसी ने संगठन से संबंधित विभिन्न मुद्दों के समाधान की पेशकश की और सतर्क और जवाबदेह होने पर जोर दिया और डीआइजी, सीबीआइ को ज्ञानवर्धक व्याख्यान के लिए धन्यवाद दिया। वहीं, सम्राट राही, उपाध्यक्ष, केडीएस ने ईमानदारी, सत्यनिष्ठा और पीआईडीपीआई शिकायतों को लोकप्रिय बनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम में एसएमपी के केडीएस और एचडीसी के विभागाध्यक्षों, उप विभागाध्यक्षों और प्रभागाध्यक्षों ने भी भाग लिया।

विजेताओं को पुरस्कृत भी किया गया

सतर्कता जागरूकता सप्ताह -2021 के समापन समारोह के साथ इसके तहत विभिन्न प्रतियोगिताओं और गतिविधियों के विजेताओं को इस मौके पर पुरस्कृत भी किया गया । फ्लावर-2 स्कूल के बाल्य विजेताओं की उपस्थिति ने पुरस्कार वितरण समारोह को जीवंत बना दिया। 

Edited By: Priti Jha