कोलकाता: जमीन के सौदे ने बदली कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज की किस्मत, घाटे से निकलकर कमाया ₹215 करोड़ का मुनाफा
कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज ने वित्त वर्ष 2025-26 में ₹215.57 करोड़ का शुद्ध लाभ कमाकर घाटे से वापसी की, जिसके बाद शेयरधारकों को दो बोनस शेयर प्रति शेयर जारी किए गए।

HighLights
सीएसई ने वित्त वर्ष 2025-26 में ₹215.57 करोड़ का शुद्ध लाभ कमाया।
शेयरधारकों को प्रत्येक मौजूदा शेयर पर दो बोनस शेयर जारी किए।
कोलकाता में तीन एकड़ जमीन की सबलीज से हुआ बड़ा मुनाफा।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। कलकत्ता स्टाक एक्सचेंज (सीएसई) ने वित्त वर्ष 2025-26 में मुनाफे में लौटने के बाद शेयरधारकों को हर एक मौजूदा शेयर पर दो बोनस शेयर जारी किए हैं। इससे एक्सचेंज के कुल इक्विटी शेयरों की संख्या तीन गुनी हो गई है।
वित्त वर्ष के दौरान कोलकाता में ईस्टर्न मेट्रोपोलिटन बाइपास स्थित तीन एकड़ जमीन को सबलीज पर देने से एक्सचेंज को बड़ा एकमुश्त लाभ हुआ।सीएसई ने वित्त वर्ष 2025-26 में करीब 215.57 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जबकि पिछले वित्त वर्ष में उसे 21.87 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। इस बदलाव में जमीन की सबलीज से मिले 249.28 करोड़ रुपये के एकमुश्त लाभ की अहम भूमिका रही।
एक्सचेंज ने इस तीन एकड़ जमीन को 253 करोड़ रुपये के सौदे में सबलीज पर दिया था। इस लेनदेन को भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की मंजूरी मिली थी, हालांकि राशि के इस्तेमाल को लेकर कुछ शर्तें रखी गई थीं। सीएसई की हाल में हुई 103वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में बोनस शेयर जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
इसके बाद एक्सचेंज की शेयर पूंजी 6,11,250 रुपये से बढ़कर 18,33,750 रुपये हो जाएगी। अब एक रुपये मूल्य के कुल 18,33,750 इक्विटी शेयर होंगे। बोनस शेयरों से मौजूदा शेयरधारकों के शेयरों की संख्या बढ़ती है, लेकिन इससे एक्सचेंज को नई पूंजी नहीं मिलती और न ही इस समायोजन के समय उनकी कुल हिस्सेदारी का मूल्य अपने आप बढ़ता है।
ट्रेडिंग प्लेटफार्म दोबारा शुरू करने की तैयारी
118 साल पुराना सीएसई बंगाल सरकार के सहयोग से अपने ट्रेडिंग प्लेटफार्म को फिर से शुरू करने की संभावनाएं तलाश रहा है। सेबी ने अप्रैल 2013 से सीएसई को स्वतंत्र स्टाक एक्सचेंज के रूप में कारोबार करने से रोक रखा है।
एक्सचेंज के निदेशक मंडल ने जून में सेबी से फरवरी 2025 में दिए गए उस आवेदन को फिलहाल लंबित रखने का अनुरोध करने का फैसला किया था, जिसमें स्टाक एक्सचेंज कारोबार से स्वैच्छिक रूप से बाहर निकलने की मांग की गई थी। अब ट्रेडिंग प्लेटफार्म को दोबारा सक्रिय करने की कोशिशों के बीच बोनस शेयर जारी करने का फैसला सामने आया है।
