बंगाल: नादिया में शादी से पहले अंतरधार्मिक जोड़े को मिली धमकी, HC ने पुलिस को दिया सुरक्षा का आदेश
कलकत्ता हाई कोर्ट ने नदिया के नवद्वीप में अंतरधार्मिक विवाह करने वाले जोड़े को पुलिस सुरक्षा का आदेश दिया है। ...और पढ़ें
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राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल के नदिया जिले के नवद्वीप में अंतरधार्मिक विवाह करने जा रहे मुस्लिम युवक और हिंदू युवती को कलकत्ता हाई कोर्ट ने पुलिस सुरक्षा देने का निर्देश दिया है।
न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने नवद्वीप पुलिस को जोड़े और उनके परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आदेश दिया, ताकि वे विवाह की औपचारिकताएं पूरी कर सकें। धमकियों के कारण जोड़ा फिलहाल बंगाल से बाहर छिपकर रह रहा है।
याचिका के अनुसार, युवक और युवती ने विशेष विवाह अधिनियम के तहत शादी के लिए 23 जुलाई को मैरिज रजिस्ट्रार जनरल के पोर्टल पर आवेदन किया था। विवाह 29 जुलाई को होना था। लेकिन 27 जुलाई की शाम करीब 45 लोगों की हथियारबंद भीड़ युवती के घर पहुंच गई।
याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि भीड़ के सदस्यों ने खुद को बजरंग दल और दुर्गा वाहिनी से जुड़ा बताया। उन्होंने युवती के साथ अभद्रता करने की कोशिश की, उसकी मां के साथ मारपीट की और परिवार से खाली कागजों पर हस्ताक्षर कराए। घर जलाने और विवाह करने पर दोनों परिवारों के सामाजिक बहिष्कार की धमकी भी दी गई। इसके बाद जोड़े ने शादी टाल दी।
कोलकाता में शादी कराने की मांग पर कोर्ट का रुख
आठ सितंबर को जोड़े ने विवाह रजिस्ट्रार से शुल्क वापस मांगा और नवद्वीप में शादी नहीं करने की इच्छा जताई। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के वकील ने बताया कि पूछताछ में रजिस्ट्रार ने किसी संगठन की ओर से धमकी मिलने से इनकार किया है।
जोड़े ने कोलकाता में विवाह की अनुमति मांगी, लेकिन अदालत ने संबंधित क्षेत्र के रजिस्ट्रार के अधिकार क्षेत्र में विवाह कराने के कानूनी प्रावधान में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।
जोड़े के वकील ने अदालत को बताया कि वे शादी करना चाहते हैं, लेकिन पहले अपनी और स्वजनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है। इसके बाद अदालत ने पुलिस को सुरक्षा देने का निर्देश दिया।
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