अभिषेक बनर्जी को सभी मामलों में एक साथ अंतरिम राहत नहीं, संरक्षण वाली मांग से हाई कोर्ट का इनकार
कलकत्ता हाई कोर्ट ने टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी को विभिन्न एफआईआर में एक साथ अंतरिम संरक्षण देने से इनकार कर दिया।
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टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी

समय कम है?
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राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के खिलाफ दर्ज कई एफआईआर को लेकर कलकत्ता हाई कोर्ट ने फिलहाल उन्हें सभी मामलों में एक साथ अंतरिम संरक्षण देने से इनकार कर दिया।
न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने गुरुवार को मौखिक टिप्पणी में कहा कि अलग-अलग आरोपों के आधार पर दर्ज मामलों को एक साथ जोड़कर व्यापक रूप से संरक्षण नहीं दिया जा सकता। मामले की अगली सुनवाई 30 जुलाई को होगी।
बदले की भावना से दर्ज किए मुकदमे
अभिषेक की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि राजनीतिक प्रतिशोध के चलते उनके मुवक्किल के खिलाफ मामले दर्ज किए जा रहे हैं।
भवानीपुर, सिलीगुड़ी, नकाशीपाड़ा और विष्णुपुर समेत विभिन्न थानों में दर्ज आठ एफआईआर का हवाला देते हुए उन्होंने सभी मामलों में संरक्षण देने की मांग की।
सिब्बल ने इससे पहले कई एफआइआर दर्ज होने के बाद भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी को मिले संरक्षण का भी उल्लेख किया।
कपिल सिब्बल ने क्या कहा?
इस पर राज्य सरकार के वकील ने कहा कि वह अंतरिम आदेश था। न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने टिप्पणी की कि सभी पक्षों को सुने बिना कोई आदेश नहीं दिया जाएगा और शुभेंदु अधिकारी के मामले का उदाहरण न दिया जाए।
हालांकि, अदालत ने यह स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई तक यदि अभिषेक के खिलाफ कोई कड़ी कार्रवाई की जाती है तो इसकी जानकारी अदालत को दी जा सकती है।
