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अभिषेक के घर में कहां है अवैध निर्माण? कलकत्ता हाई कोर्ट ने केएमसी से मांगी सात दिन में रिपोर्ट

Published: Wed, 03 Jun 2026 11:23 PM (IST)

कलकत्ता हाई कोर्ट ने अभिषेक बनर्जी के घर में कथित अवैध निर्माण को लेकर कोलकाता नगर निगम (केएमसी) से सात ...और पढ़ें

कलकत्ता हाई कोर्ट ने केएमसी से मांगी सात दिन में रिपोर्ट।

कलकत्ता हाई कोर्ट ने केएमसी से मांगी सात दिन में रिपोर्ट।


HighLights

  1. कलकत्ता हाई कोर्ट ने केएमसी से रिपोर्ट मांगी।

  2. अभिषेक बनर्जी के घर में अवैध निर्माण का मामला।

  3. निगम को सात दिन में देनी होगी विस्तृत जानकारी।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं सांसद अभिषेक बनर्जी के पारिवारिक आवास में कथित अवैध निर्माण को लेकर कलकत्ता हाई कोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्देश दिया है।

अदालत ने कोलकाता नगर निगम (केएमसी) को सात दिनों के भीतर यह स्पष्ट करने को कहा है कि अभिषेक के घर तथा उनकी कंपनी ‘लिप्स एंड बाउंड्स’ से जुड़ी संपत्तियों में कथित अनियमितता या अवैध निर्माण किस हिस्से में है और उसका स्वरूप क्या है।

पीठ ने विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया

बुधवार को न्यायाधीश स्मिता दास डे की अवकाशकालीन पीठ ने निगम को संबंधित दस्तावेजों के साथ विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। साथ ही संपत्ति मालिकों को भी दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल कर यह बताने को कहा गया है कि भवन में कोई अवैध हिस्सा है या नहीं। मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी।

अभिषेक के माता-पिता ने दायर की याचिका

यह मामला 29-सी, हरिश चटर्जी स्ट्रीट स्थित मकान को लेकर दायर याचिका से जुड़ा है। अभिषेक के पिता अमित बनर्जी और मां लता बनर्जी ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर दावा किया है कि मकान पूरी तरह वैध रूप से निर्मित है। उन्होंने नगर निगम द्वारा जारी नोटिस को रद करने की मांग करते हुए कहा कि वैध निर्माण को भी अवैध बताकर नोटिस भेजा गया है।

हाल के दिनों में कोलकाता नगर निगम ने अभिषेक और उनकी कंपनी से जुड़ी कई संपत्तियों को नोटिस भेजे हैं। इनमें कालीघाट रोड और हरिश मुखर्जी रोड स्थित संपत्तियां भी शामिल हैं। निगम ने भवनों के स्वीकृत नक्शे, निर्माण संबंधी दस्तावेज और अतिरिक्त निर्माण की अनुमति से जुड़े कागजात जमा करने को कहा है।

आरोप है कि कुछ मामलों में स्वीकृत योजना से हटकर निर्माण किया गया हो सकता है, जिसकी जांच की जा रही है। इस बीच अभिषेक की कंपनी ‘लिप्स एंड बाउंड्स’ ने निगम से जानकारी उपलब्ध कराने के लिए 10 दिन का अतिरिक्त समय मांगा है। कंपनी ने कहा है कि वह सभी आवश्यक दस्तावेज सौंपने को तैयार है, लेकिन इसके लिए पर्याप्त समय दिया जाए।

उल्लेखनीय है कि पहले दो संपत्तियों को नोटिस भेजे जाने की जानकारी सामने आई थी, लेकिन बाद में दावा किया गया कि कुल 17 संपत्तियों को नोटिस जारी किया गया है। इनमें कुछ संपत्तियां अभिषेक के रिश्तेदारों के नाम पर भी बताई जा रही हैं। हालांकि अभिषेक ने कहा था कि पहले यह स्पष्ट किया जाए कि भवन का कौन-सा हिस्सा अवैध है, उसके बाद ही वह विस्तृत जवाब देंगे।