जागरण संवाददाता, कोलकाता : डायरेक्ट टैक्सेस प्रोफेशनल्स एसोसिएशन (डीटीपीए) का वार्षिक सम्मेलन शनिवार को संपन्न हुआ। कर कानून-परिवर्तन, चुनौतियां व अनुपालन विषय पर आयोजित इस सम्मेलन में त्रिपुरा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अजय रस्तोगी बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित थे। उन्होंने इस कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने सीए सहित सभी टैक्स प्रोफेशनल्स को हमेशा अपडेट रहने की नसीहत देते हुए कहा कि हमारे सिस्टम में जो परिवर्तन होते हैं, वे गणतंत्र के कारण होते हैं। नियमों में जो संशोधन होते हैं, उन्हें चुनौतियों की तरह लें और उनका अनुपालन करें। एसोसिएशन के अध्यक्ष सीए रमेश कुमार चोखानी ने मौजूद अतिथियों का स्वागत किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि उनका संगठन समय-समय पर कार्यक्रम आयोजित कर सदस्यों को अपडेट करता रहता है। कार्यक्रमों में राष्ट्रीय स्तर के प्रवक्ता शिरकत करते हैं। अतिथियों में कलकत्ता हाईकोर्ट के न्यायाधीश दीपंकर दत्ता एवं हरीश टंडन उपस्थित रहे। समारोह का प्रथम सत्र सीबीओटी के पूर्व सदस्य गोपाल मुखर्जी की अध्यक्षता में हुआ। इसमें मनी लांड्रिंग, बेमानी संपत्ति एवं जीएसटी पर चर्चा की गई। प्रवक्ता वरिष्ठ अधिवक्ता एनके पोद्दार व के वथिस्वरण ने इस पर अपने विचार व्यक्त किए। द्वितीय सत्र में वरिष्ठ अधिवक्ता एनएम रंका एवं कपिल गोयल ने आयकर नियमों पर प्रकाश डाला। अंतिम सत्र में इन अधिवक्ताओं ने मौजूद प्रतिनिधियों के विभिन्न सवालों के सहज शब्दों में जवाब दिए। सम्मेलन में 450 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हुए। इस मौके पर मुख्य तौर पर काशी प्रसाद खंडेलवाल, पारस कोचर, नीलिमा जोशी, आरएन रस्तोगी, एमसी जगवाइन, डीएन अग्रवाल, एसके सुल्तानिया, पीके हिम्मतसिंका, कमल बगरोड़िया सहित अन्य पूर्व अध्यक्ष उपस्थित थे। कार्यकारिणी सदस्यों में विकास पारीख, एनके गोयल, पीडी रूंगटा, मंजु लता शुक्ला, डीएस अग्रवाल, बरखा अग्रवाल, नीरज हारोदिया समेत अन्य सदस्य उपस्थित थे।

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