असम से बंगाल की बाघिन की घर वापसी की तैयारी, रेस्क्यू में जुटा वन विभाग
बंगाल के बक्सा टाइगर रिजर्व से असम के रायमोना राष्ट्रीय उद्यान पहुंची बाघिन को वापस लाने की तैयारी चल रही है।

बक्सा की बाघिन असम के रायमोना राष्ट्रीय उद्यान में।
HighLights
बक्सा की बाघिन असम के रायमोना राष्ट्रीय उद्यान में।
वन विभाग उसे वापस लाने की अंतिम तैयारी में।
एनटीसीए से रेस्क्यू अभियान की अनुमति मिली।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल के बक्सा टाइगर रिजर्व से भटककर असम के रायमोना राष्ट्रीय उद्यान पहुंची बाघिन को वापस लाने के लिए राज्य सरकार का वन विभाग अंतिम चरण की तैयारियों में जुटा है।
वन मंत्री मनोज ओरांव ने बताया कि अनुकूल मौसम और अन्य परिस्थितियां रहने पर बाघिन को जल्द ही सुरक्षित तरीके से पकड़कर बक्सा के जंगल में लाया जाएगा। इसके लिए उसे ट्रैंक्विलाइजर डार्ट से बेहोश करने या पिंजरे में पकड़ने की योजना है।
वन विभाग को उम्मीद है कि रेस्क्यू अभियान बुधवार तक पूरा हो जाएगा। रेडियो कालर के माध्यम से बाघिन की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और वह स्वस्थ है।
वन विभाग की टीमें मौके पर मौजूद हैं। शुरुआत में अधिकारियों ने बाघिन को स्वाभाविक रूप से विचरण करने की छूट दी थी। उम्मीद थी कि वह रायमोना या भूटान के वन गलियारे से होते हुए खुद ही बक्सा लौट आएगी।
हालांकि, पिछले दो-तीन दिनों में उसके मानव बस्तियों के करीब पहुंचने के बाद उसे सुरक्षित पकड़कर वापस लाने का निर्णय लिया गया। इस अभियान के लिए राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) से आवश्यक अनुमति भी प्राप्त कर ली गई है।
बंगाल और असम की संयुक्त टीमें क्षेत्र की घेराबंदी कर बाघिन की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं। इस बाघिन को गत दो अक्टूबर को बक्सा के जंगल में छोड़ा गया था। इसके बाद से ही वन विभाग के अधिकारी रेडियो कालर की मदद से उसकी गतिविधियों पर नजर रख रहे थे।