राज्य ब्यूरो, कोलकाता : दक्षिण बंगाल फ्रंटियर अंतर्गत सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने मालदा जिले में भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास मादक पदार्थों की तस्करी को नाकाम करते हुए दो भारतीय तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। तस्कर सीमा चौकी नवादा और चुरियंतपुर, 70वीं बटालियन के क्षेत्र से प्रतिबंधित फेंसिडिल कफ सिरप की बांग्लादेश में तस्करी की फिराक में थे, जहां लोग इसका नशे के तौर पर इस्तेमाल करते हैं।

बीएसएफ ने तस्करों के पास से 150 बोतल फेंसिडिल भी जब्त किया, जिसकी भारतीय बाजार में कीमत लगभग 28,000 रुपये आंकी गई है।बीएसएफ की ओर से एक बयान में यह जानकारी दी गई। बयान के अनुसार, 21 अक्टूबर को बल के खुफिया विभाग ने सटीक और पुख्ता खबर दी कि बीओपी नवादा और चुरियंतपुर, 70वीं बटालियन के क्षेत्रों से फेंसिडिल की तस्करी होने वाली है। तुरंत बीएसएफ ने दो अलग-अलग जगहों पर आपरेशन लांच किया। खुफिया विभाग की इनपुट के आधार पर, गांव नवादा और चुरियंतपुर के क्षेत्र में दो से तीन जगहों पर एम्बुश (घात) लगाया गया।

कुछ देर बाद दोनों एम्बुश पार्टियों ने कुछ तस्करों की आवाजाही देखी, जो छोटे बैग लेकर भारत की तरफ से अंतरराष्ट्रीय सीमा की ओर बढ़ रहे थे। एम्बुश पार्टी तुरंत उनकी तरफ बढ़ने लगी, लेकिन तस्कर अंधेरे और घने वनस्पति का लाभ उठाकर मौके से भागने लगे। लेकिन एम्बुश पर बैठे जवानों ने उनका पीछा करना शुरू किया और परिणामस्वरूप दो तस्करों को पकड़ने में कामयाबी मिली। एक तस्कर को बीओपी नवादा में और दूसरा तस्कर बीओपी चुरियंतपुर क्षेत्र में पकड़ा गया। उनकी पहचान लाल चंद मंडल (21), ग्राम- अकुंदबरिया, पीएस - कालियाचक, जिला - मालदा (पश्चिम बंगाल) के रूप में हुई। बीओपी नवादा से 100 बोतल फेंसिडिल जब्त हुई।

वहीं, चुरियंतपुर से पकड़े गए तस्कर का नाम अब्दुल करीम (24) है। वह मालदा के कालियाचक थाना अंतर्गत दुइसताबीघी गांव का रहने वाला है। बीओपी चुरियंतपुर से 50 बोतल फेंसिडिल जब्त किया गया। प्रारंभिक पूछताछ में लाल चंद मंडल और अब्दुल करीम ने खुलासा किया कि वे नितिन मंडल के 20 साल के बेटे जयंतो मंडल से जब्त फेंसिडिल की बोतलें एकत्र करते हैं।इसके बाद इसे सीमा पार कराकर बांग्लादेशी तस्कर को सौंपना था।अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करने के बाद उन्हें इस कार्य के लिए 500 रुपये प्रति पोटला मिलता।

बीएसएफ ने तस्करों को पुलिस के हवाले किया

बीएसएफ ने पकड़े गए तस्करों को आगे की कानूनी कार्यवाही के लिए जब्त सामान के साथ पुलिस स्टेशन कालियाचक को सौंप दिया है।इधर, बीएसएफ के जन संपर्क अधिकारी ने अपने जवानों की उपलब्धि पर खुशी व्यक्त की और अपने बयान में उन्होंने कहा कि किसी भी सूरत में तस्करी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि यह उनके सैनिकों द्वारा ड्यूटी पर प्रदर्शित सतर्कता के कारण ही संभव हुआ है।

Edited By: Vijay Kumar