कोलराका, राज्य ब्यूरो। दक्षिण बंगाल फ्रंटियर अंतर्गत सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों ने बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास तस्करी के प्रयासों को नाकाम करते हुए 3.502 किलोग्राम चांदी के आभूषण के साथ दो तस्करों को धर दबोचा। पकड़े गए तस्करों में एक नाबालिग है। बीएसएफ के अनुसार, जब्त चांदी की अनुमानित कीमत 1,77,341 रुपये है, जिसे सीमा चौकी हाकिमपुर क्षेत्र से अवैध तरीके से सीमा पार कराकर तस्करी के उद्देश्य से भारत से बांग्लादेश ले जाया जा रहा था। बीएसएफ द्वारा शनिवार को जारी बयान में यह जानकारी दी गई। इसके अनुसार, 15 अक्टूबर को खुफिया विभाग की सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए 112वीं बटालियन की सीमा चौकी हाकिमपुर के जवानों ने विशेष तलाशी अभियान चलाया।

शाम लगभग सात बजे जवानों ने एक स्कूटी पर दो संदिग्ध व्यक्तियों को आते देखा, जो बिठारी बाजार से तराली गांव की तरफ जा रहे थे। चूंकि खबर पुख्ता थी कि स्कूटी में स्मगलिंग का सामान आ रहा है, इसलिए जैसे ही जवानों ने स्कूटी सवार को रोकना चाहा वैसे ही वे लोग गाड़ी छोड़ भागने लगे। लेकिन, चुस्त और चौकस जवानों ने बिना कोई मौका गंवाएं स्कूटी चालक तथा दूसरे सवार को धर दबोचा। तलाशी लेने पर स्कूटी के फ्रंट हेड के कैविटी से तीन पैकेट चांदी के आभूषण बरामद हुए, जिसका कुल वजन 3.502 किलोग्राम है। चांदी की अनुमानित कीमत 1,77,341 रुपये आंकी गई हैं। बीएसएफ ने चांदी के आभूषणों को जब्त कर दोनों तस्करों को हिरासत में ले लिया। पकड़े गए तस्कर का नाम वाहिद मंडल (23) है, जबकि उसके साथ पकड़े गए एक अन्य लड़के की उम्र 15 वर्ष है। दोनों उत्तर 24 परगना जिले के स्वरूप नगर थाना अंतर्गत बिठारी गांव का ही रहने वाला है। प्रारंभिक पूछताछ में पकड़े गए दोनों तस्कर ने बताया कि वे भारतीय नागरिक हैं, तथा पिछले कुछ समय से तस्करी के सामानों के वाहक (कैरियर) के रूप में कार्य कर रहे है।

उन्होंने बताया कि आज (15 अक्टूबर) सुबह उन्होंने इस चांदी के आभूषण को दत्तापरा, बिठारी निवासी फारूक गाजी से लिया था तथा बीएसएफ ड्यूटी लाइन क्रास कर वापस फारूक गाजी को ही देना था। इसके लिए उसने चांदी के आभूषणों को स्कूटी में छुपा कर तराली की तरफ जा रहा था, लेकिन जैसे ही वह हाकिमपुर चेकपोस्ट के पास पहुंचा बीएसएफ ने उसे पकड़ लिया। वाहिद मंडल ने बताया कि इसके लिए उसे फारूक गाज़ी से 1000 रुपये मिलते, जिसमें से 300 रुपये उसके साथ मौजूद किशोर को मिलता। बीएसएफ ने जब्त चांदी के आभूषण को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित कस्टम कार्यालय तेंतुलिया को सौंप दिया है। इधर, दक्षिण बंगाल फ्रंटियर के प्रवक्ता ने 112वीं वाहिनी के जवानों की उपलब्धि पर खुशी जाहिर की। उन्होंने बताया कि उनके इलाके में तस्कर नित नए तरीके अपना कर तस्करी का प्रयास करते हैं, लेकिन सतर्क जवान तस्करों के हर मंसूबे को नाकाम कर रहे हैं। 

Edited By: Sachin Kumar Mishra