जागरण संवाददाता, कोलकाता। दक्षिण 24 परगना जिले के डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र के रामनगर थानांतर्गत आशुराली इलाके में दुर्गा प्रतिमा के विसर्जन के लिए पटाखा बनाने के दौरान विस्फोट हो जाने से दो युवकों की मौत होने का मामला प्रकाश में आया है। उनकी पहचान प्रभाष मंडल और पलाश मंडल के रूप में हुई है।

रिश्ते में दोनों भाई बताए जा रहे हैं। इसमें प्रभाष पेशे से इलेक्टि्रकल इंजीनियर और पलाश गैर सरकारी संस्था में कार्यरत था। इसी हादसे में दो अन्य घायल हो गए। उनके नाम प्रताप और प्रत्युष मंडल हैं। इसमें प्रताप की हालत गंभीर बताई जा रही है। मौके पर पहुंची पुलिस को घटनास्थल से बड़ी संख्या में खाली तुबड़ी, अनार और विस्फोटक जब्त किए गए हैं।

जानकारी के मुताबिक, विजय दशमी के अवसर पर भव्य जुलूस निकालने और आतिशबाजी करने के लिए नवमी यानी सोमवार की रात आशुराली इलाके में स्थित अस्थाई क्लब में पटाखे बनाए जा रहे थे। तीन युवक रात में एक कमरे में बैठ कर तुबड़ी, अनार व अन्य पटाखा बनाने के लिए बारूद को गर्म कर रहे थे। मुख्य दरवाजे पर भी चारों ओर बारूद बिखरा था। अचानक उसमें आग लग गया। मुख्य गेट पर ही आग लग जाने से भीतर बैठे प्रताप, पलाश और प्रभाष कमरे से बाहर नहीं निकल पा रहे थे। यह देख बाहर मौजूद प्रत्युष उन्हें बचाने आगे आया, तभी बारूद में विस्फोट हो गया।

स्थानीय लोगों की मदद से चारों को बुरी तरह झुलसे हालत में चारों को सोमवार की रात में ही डायमंड हार्बर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां मंगलवार की देर रात और बुधवार तड़के एक-एक कर दोनों ने दम तोड़ दिया। घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। साथ ही प्रतिमा विसर्जन के लिए इतनी मात्रा में बारूद एकत्र करने के कारणों का पता लगाने में जुट गई है।

गौरतलब हो कि वर्ष 2016 में भी काली पूजा के अवसर पर डायमंड हार्बर में स्थित एक पटाखा कारखाने में पटाखा बनाने के दौरान आग लग गई थी, जिसमें झुलस कर अभिनंदन हल्दर नामक युवक की मौत हो गई थी।

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Posted By: Sachin Mishra

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