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46 साल पुरानी नीति में बदलाव कर भाजपा ने पहली बार बनाई अपनी श्रमिक इकाई, कोलकाता से हुई शुरुआत

Published: Sat, 31 Oct 2026 09:12 PM (IST)

भाजपा ने अपनी 46 साल पुरानी नीति में बदलाव करते हुए कोलकाता हवाई अड्डे पर अपना पहला आधिकारिक श्रमिक संगठन 'एनएससीबीआई एयरपोर्ट कॉन्ट्रैक्टर्स वर्कर्स मोर्चा' शुरू किया है।

भाजपा ने पहली बार बनाई अपनी श्रमिक इकाई। (X- @sunilbansalbjp)

भाजपा ने पहली बार बनाई अपनी श्रमिक इकाई। (X- @sunilbansalbjp)

HighLights

  1. भाजपा ने 46 साल बाद पहली श्रमिक इकाई बनाई।

  2. कोलकाता हवाई अड्डे पर 'श्रमिक मोर्चा' का गठन हुआ।

  3. असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों पर रहेगा जोर।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। भाजपा ने अपनी स्थापना के करीब 46 साल बाद अपनी श्रमिक इकाई बनाने की नीति में बदलाव किया है। पार्टी ने शनिवार को कोलकाता के दमदम स्थित नेताजी सुभाषचंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से अपने पहले आधिकारिक श्रमिक संगठन की शुरुआत की।

कोलकाता हवाई अड्डे के ठेका श्रमिकों के लिए गठित इस संगठन का नाम 'एनएससीबीआई एयरपोर्ट कॉन्ट्रैक्टर्स वर्कर्स मोर्चा' रखा गया है। कोलकाता एयरपोर्ट पर आयोजित नवगठित श्रमिक इकाई की उद्घाटन बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव व बंगाल के प्रभारी सुनील बंसल ने इसकी औपचारिक घोषणा करते हुए इसे ऐतिहासिक दिन बताया।

उन्होंने इसे देश में भाजपा का पहला आधिकारिक श्रमिक संगठन बताते हुए कहा कि इसकी शुरुआत कोलकाता हवाई अड्डे से हो रही है और आगे देश के दूसरे हिस्सों में भी पार्टी के श्रमिक संगठन बनाए जाएंगे। इस दौरान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य भी उपस्थित रहे।

बताते चलें कि भाजपा की स्थापना 1980 में हुई थी। तब से पार्टी की अपनी कोई आधिकारिक श्रमिक या छात्र इकाई नहीं थी। श्रमिकों के बीच समन्वय और उनके हितों के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से प्रेरित भारतीय मजदूर संघ (BMS) की भूमिका रही है। इसी तरह छात्र क्षेत्र में संघ से प्रेरित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) सक्रिय है। अब भाजपा ने अपनी अलग श्रमिक इकाई गठित कर इस पुरानी व्यवस्था में बदलाव किया है।

सरकार के खिलाफ आवाज उठाने की स्वतंत्रता का दिया भरोसा

इस अवसर पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने पार्टी की अब तक श्रमिक संगठन नहीं बनाने की नीति का कारण भी बताया। उन्होंने कहा कि पार्टी का मानना रहा है कि यदि किसी राजनीतिक दल का अपना श्रमिक संगठन होगा और वही दल सत्ता में आएगा, तो श्रमिक अपने अधिकारों, वंचना और समस्याओं को लेकर सरकार के खिलाफ खुलकर आंदोलन नहीं कर पाएंगे।

हालांकि, नई इकाई के गठन के साथ उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रमिकों के हितों से समझौता नहीं होगा। उनके अनुसार, पार्टी का उद्देश्य देश के लिए काम करना और श्रमिकों को उनके काम का उचित पारिश्रमिक दिलाने की दिशा में प्रयास करना है।

असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों पर रहेगा जोर

भाजपा इससे पहले भी विभिन्न क्षेत्रों के श्रमिकों को जोड़ने के लिए स्थानीय स्तर पर संगठन और सेल बनाती रही है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष के कार्यकाल में भारतीय जनता मजदूर ट्रेड यूनियन (BJMTU) नाम से एक इकाई भी बनाई गई थी, लेकिन उसे प्रदेश या केंद्रीय नेतृत्व की ओर से आधिकारिक संगठन की मान्यता प्राप्त नहीं थी।

राज्य में पहले से ट्रेड यूनियन रिलेशंस सेल भी काम कर रहा था, जिसका दायित्व श्रमिकों और उनके संगठनों के साथ समन्वय स्थापित करना था।

नए हवाई अड्डा श्रमिक मोर्चे का अध्यक्ष इसी सेल के प्रदेश सह-संयोजक अरित्र चट्टोपाध्याय को बनाया गया है। वेबेल के ठेका श्रमिकों के लिए गठित संगठन की जिम्मेदारी भी उन्हें सौंपी गई है।

अरित्र के अनुसार, भाजपा की नई श्रमिक इकाई मुख्य रूप से असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए काम करेगी। इसमें ठेका श्रमिकों, निर्माण श्रमिकों और निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को जोड़कर उनके उचित अधिकारों के लिए आवाज उठाई जाएगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए भारतीय मजदूर संघ पहले की तरह काम करता रहेगा। ऐसे में भाजपा की नई श्रमिक इकाई और बीएमएस के बीच कार्यक्षेत्र का बंटवारा भी स्पष्ट किया गया है।

 

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