राज्य ब्यूरो, कोलकाता : बंगाल विधानसभा चुनाव में पराजय के बाद भाजपा बंगाल के संगठन को फिर से मजबूत करने में जुट गई है। इसी के मद्देनजर पश्चिम बंगाल के केंद्रीय प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने शुक्रवार को पार्टी के नेताओं के साथ बैठक की।बैठक में यह निर्णय किया गया कि कल गुरु पूर्णिमा का उत्सव पार्टी कार्यकर्ता पालन करेंगे। इस दौरान विजयवर्गीय ने कहा कि बंगाल में लगातार हत्याएं हो रही हैं। यहां हिंसा का तांडव चल रहा है। इसके साथ ही उन्होंने वैक्सीनेशन और हिंसा को लेकर ममता बनर्जी की जमकर आलोचना की।

बता दें कि विधानसभा चुनाव के बाद कैलाश विजयवर्गीय पहली बार पार्टी नेताओं के साथ बैठक की है। यह बैठक वर्चुअल माध्यम से हुई। सूत्रों का कहना है कि पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कैलाश विजयवर्गीय सहित पार्टी संगठन के नेताओं को पार्टी संगठन को फिर से मजबूत करने का निर्देश दिया है, ताकि पार्टी कार्यकर्ताओं के मनोबल को बरकरार रखा जा सके। बैठक में देबश्री चौधरी, अमित मालवीय, अमिताभ चक्रवर्ती, प्रताप बनर्जी सहित अन्य नेता उपस्थित थे।

पार्टी कार्यकर्ताओं को गुरु पूर्णिमा मनाने का दिया गया निर्देश

भाजपा सूत्रों का कहना है कि अखिल भारतीय नेतृत्व द्वारा तय किया गया कार्यक्रम बंगाल में नहीं मनाया जा रहा था। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इसे लेकर नाराजगी जताई थी। उसके बाद पार्टी के महासचिव और बंगाल के केंद्रीय प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने आज सुबह पार्टी के नेताओं के साथ वर्चुअल बैठक की और कल गुरु पूर्णिमा का पालन करने का निर्देश दिया। सभी से यह कहा गया है कि सभी अपने-अपने गुरु स्थान पर जाएं और वहां जाकर श्रद्धा सुमन अर्पित करें। इसके साथ ही यह तय किया गया है कि शीघ्र ही पार्टी ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ आंदोलन की शुरुआत करेगी।

वैक्सीनेशन को लेकर बंगाल सरकार की कोई नीति नहीं

-कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि बैठक में 21 जुलाई को शहीद श्रद्धांजलि दिवस के कार्यक्रम को लेकर चर्चा हुई। बैठक में पीडीएस स्कीम और वैक्सीन को लेकर भी चर्चा हुईं। उन्होंने कहा कि वैक्सीनेशन के कार्यक्रम में सरकार ने कोई रजिस्ट्रर नहीं बनाया है।पीडीएस में भी पक्षपात हो रहा है। भाजपा के योग्य कार्यकर्ताओं को पीडीएस का आनाज नहीं दिया जा रहा है। कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि राजनीति करें, लेकिन किसी की जान से साथ खिलवाड़ नहीं करें।वैक्सीनेशन के कार्यक्रम को जितनी गंभीरता से लेना चाहिए था, उतना नहीं लिया गया। कुछ कार्यक्रम ऐसे होते हैं, जो राजनीति से ऊपर होते हैं।

Edited By: Vijay Kumar