कोलकाता, राज्य ब्यूरो। बंगाल के हुगली जिले में स्थित फुरफुरा शरीफ के पीरजादा व इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आइएसएफ) के प्रमुख अब्बास सिद्दीकी ने विवादित बयान देते हुए कहा है कि मुसलमानों के पवित्र धर्मग्रंथ का अपमान करने वालों का वह गला काट देंगे। अब्बास सिद्दीकी के बयान वाला यह वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह कह रहे हैं-'जिन्हें लगता है कि उन्हें कुरान का अपमान करने का हक है तो मैं अब्बास सिद्दीकी यह कहता हूं कि मुझे उन लोगों का सिर धड़ से अलग करने का हक है।' सिद्दीकी ने यह बयान बांग्लादेश के एक धर्मस्थान की तस्वीर के पास धर्मग्रंथ रखे जाने के संदर्भ में दिया है। उन्होंने कहा कि इस्लाम धर्म को मिटाने की साजिश रची जा रही है।

भाजपा ने की कोलकाता के पुलिस आयुक्त से शिकायत

भाजपा ने सिद्दीकी पर भड़काऊ बयान देने का आरोप लगाते हुए इसकी कोलकाता के पुलिस आयुक्त से शिकायत की है। भाजपा नेता तरुण ज्योति तिवारी ने अपनी शिकायत में कहा कि अब्बास सिद्दीकी ने गला काटने की धमकी दी है और हनुमानजी का भी अपमान किया है। वे अब वाममोर्चा का सांप्रदायिक चेहरा बन गए हैं। गौरतलब है कि अब्बास सिद्दीकी की पार्टी ने वाममोर्चा के साथ मिलकर पिछला बंगाल विधानसभा चुनाव लड़ा था।

सिद्दीकी के बयान पर खामोश क्यों है माकपा: कुणाल घोष

तृणमूल कांग्रेस के राज्य महासचिव कुणाल घोष ने माकपा नेता सुजन चक्रवर्ती व सूर्यकांत मिश्रा को टैग करते हुए ट्वीट किया-'आपके चुनावी साझेदार गला काटने की बात कर रहे हैं? यह किस तरह की धर्मनिरपेक्षता है? आप लोग इसे लेकर खामोश क्यों हैं? कोई बयान क्यों नहीं जारी कर रहे? क्या इसके बाद भी आप उसे अपना चुनावी साझेदार बनाएंगे?' पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान माकपा नेताओं ने आइएसएएफ को धर्मनिरपेक्ष करार दिया था।

अब्बास सिद्दीकी को अविलंब गिरफ्तार करने की मांग

बांग्ला पक्ष नामक संगठन ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर अब्बास सिद्दीकी को अविलंब गिरफ्तार करने की मांग की है। संगठन की तरफ से कहा गया कि अब्बास सिद्दीकी बांग्लादेश में हुई सांप्रदायिक हिंसा पर भड़काऊ बयान देकर बंगाल को अशांत करने की कोशिश कर रहे हैं, इसलिए उन्हें अविलंब गिरफ्तार किया जाना चाहिए। 

Edited By: Sachin Kumar Mishra