राज्य ब्यूरो, कोलकाता : बंगाल की चार विधानसभा सीटों दिनहाटा, शांतिपुर, खड़दह व गोसाबा में 30 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव के लिए भाजपा के कोई भी केंद्रीय नेता प्रचार के लिए अब तक नहीं पहुंचे हैं। चुनाव प्रचार में अब महज तीन दिन ही शेष रह गए हैं लेकिन अब तक पार्टी के किसी भी बड़े नेता या स्टार प्रचारक को यहां नहीं देखा गया है। न ही कोई बड़ी सभा हुई है।

चारों सीटों से भाजपा प्रत्याशी व प्रदेश स्तर के नेता ही लगातार जनसंपर्क अभियान व चुनाव प्रचार में जुटे हैं। यानी ऐसा लगता है कि केंद्रीय नेतृत्व ने इस बार राज्य नेतृत्व पर ही प्रचार का पूरा जिम्मा छोड़ दिया है। इससे पहले इन चारों सीटों पर उपचुनाव के लिए भाजपा ने पिछले दिनों जो अपने 20 स्टार प्रचारकों की सूची जारी की थी उसमें राज्य के सभी प्रमुख नेताओं के अलावा असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह व स्मृति इरानी जैसे फायर ब्रांड नेताओं के नाम शामिल थे।

इस सूची में त्रिपुरा में पार्टी की वरिष्ठ नेता व केंद्रीय राज्यमंत्री प्रतिमा भौमिक का नाम भी शामिल है। लेकिन इनमें से कोई भी नेता चुनाव प्रचार के लिए अब तक नहीं पहुंचे हैं। इसके बाद कई तरह के सवाल भी उठ रहे हैं कि इसके पहले के चुनावों में पूरा दमखम लगाने वाला भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व आखिरकार बंगाल में चार सीटों पर हो रहे उपचुनाव से क्यों दूरी बनाए हुए हैं? इससे पहले हाल में भवानीपुर समेत तीन सीटों पर हुए चुनाव में भाजपा ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी।

भवानीपुर में ममता बनर्जी के खिलाफ चुनाव प्रचार में भाजपा ने कई केंद्रीय नेताओं को मैदान में उतारा था। इनमें केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी, हरदीप सिंह पुरी, सांसद व भोजपुरी फिल्मों के स्टार मनोज तिवारी व अन्य प्रमुख नाम हैं जिन्होंने भवानीपुर उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी के लिए जमकर प्रचार किया था।

चार में से दो सीटों पर भाजपा ने दर्ज की थी जीत

गौरतलब है कि जिन चार सीटों के लिए उपचुनाव होने हैं उनमें से दो सीटों दिनहाटा व शांतिपुर में इस साल की शुरुआत में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने जीत दर्ज की थी। कूचबिहार से सांसद निशिथ प्रमाणिक एवं राणाघाट से सांसद जगन्नाथ सरकार ने क्रमशः दिनहाटा व शांतिपुर में जीत दर्ज की थी और बाद में उन्होंने इस्तीफा दे दिया था, जिसके चलते यहां उपचुनाव हो रहा है। वहीं, बाकी दो सीटों पर तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की थी, जिनके निधन के चलते इन सीटों पर उपचुनाव की नौबत आई।

Edited By: Vijay Kumar