रामगांव के बौद्ध मठ में धार्मिक समारोह में शामिल हुए भूटान के PM, दिखी सांस्कृतिक विरासत की झलक
भूटान के प्रधानमंत्री ल्योनछेन दाशो शेरिंग तोबगे ने जयगांव के रामगांव स्थित साक्य थेगचेन फुत्सोलिंग मठ में आयोजित विशेष धार्मिक समारोह में भाग लिया।

मठ में पहुंचे धार्मिक समारोह में भूटान के प्रधानमंत्री।
संवाद सूत्र, जयगांव। भारत-भूटान सीमा पर बसे अलीपुरद्वार जिले के जयगांव के रामगांव स्थित साक्य थेगचेन फुत्सोलिंग मठ में गुरुवार को भूटान के प्रधानमंत्री ल्योनछेन दाशो शेरिंग तोबगे पहुंचे।
वे यहां मठ में आयोजित विशेष धार्मिक समारोह में शामिल हुए। इस दौरान परम पावन अविकृत वज्र साक्य को 44 वें साक्य त्रिजिन के रूप में प्रतिष्ठित करने का कार्यक्रम संपन्न हुआ।
बौद्ध परंपराओं के अनुरूप आयोजित समारोह में धर्म और सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिली। प्रधानमंत्री की मौजूदगी से सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों में उत्सुकता रही।
भारत और भूटान के बीच राजनयिक संबंधों के साथ धार्मिक तथा सांस्कृतिक जुड़ाव भी लंबे समय से कायम है। ऐसे आयोजनों से दोनों देशों की पारंपरिक मैत्री और आपसी सद्भाव को मजबूती मिलती है। रामगांव के मठ में प्रधानमंत्री की सहभागिता को भारत-भूटान के साझा बौद्ध सांस्कृतिक संबंधों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।