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बंगाल के सभी विश्वविद्यालयों में लागू होगा समान पाठ्यक्रम, चार वर्षीय स्नातक और अनिवार्य इंटर्नशिप की तैयारी

Published: Tue, 03 Nov 2026 09:28 PM (IST)

बंगाल के सभी विश्वविद्यालयों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत समान पाठ्यक्रम और मूल्यांकन व्यवस्था लागू करने की तैयारी है।

बंगाल के सभी विश्वविद्यालयों में लागू होगा समान पाठ्यक्रम। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

बंगाल के सभी विश्वविद्यालयों में लागू होगा समान पाठ्यक्रम। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

HighLights

  1. सभी विश्वविद्यालयों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू होगी।

  2. चार वर्षीय स्नातक और अनिवार्य इंटर्नशिप व्यवस्था होगी।

  3. भारतीय ज्ञान परंपरा पाठ्यक्रम का हिस्सा बनेगी।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल के सभी विश्वविद्यालयों में अब राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप समान पाठ्यक्रम और मूल्यांकन व्यवस्था लागू करने की तैयारी चल रही है। राज्य की नई भाजपा सरकार ने सत्ता में आने के बाद इस नीति को पूरी तरह लागू करने की घोषणा की थी। इसी दिशा में उच्च शिक्षा विभाग की ओर से गठित टास्क फोर्स ने पाठ्यक्रम और कारिकुलम का नया ढांचा तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

इसके तहत चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम, ऑनर्स विद रिसर्च, अनिवार्य इंटर्नशिप, कौशल आधारित शिक्षा और भारतीय ज्ञान परंपरा को उच्च शिक्षा का हिस्सा बनाया जाएगा।

अगस्त में राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को लेकर पाठ्यक्रम और कारिकुलम संबंधी समिति गठित की गई थी। कल्याणी विश्वविद्यालय के कुलपति कल्लोल पाल भी इसमें शामिल हैं। समिति का उद्देश्य ऐसा साझा पाठ्यक्रम ढांचा तैयार करना है, जिसे राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में लागू किया जा सके।

नई व्यवस्था में भारतीय ज्ञान प्रणाली को विशेष महत्व दिया जा रहा है। इसके तहत अर्थशास्त्र में चाणक्य के आर्थिक विचारों और शासन संबंधी अवधारणाओं, गणित में वैदिक गणित तथा प्राचीन भारतीय गणितीय पद्धतियों और साहित्य में प्राचीन भारतीय रचनाओं को शामिल करने की योजना है। इन विषयों को अलग पाठ्यक्रम बनाने के बजाय संबंधित विषयों की पढ़ाई से जोड़ा जाएगा।

इंटर्नशिप अनिवार्य, विश्वविद्यालयों को भी मिलेगी छूट

नई व्यवस्था में इंटर्नशिप को अनिवार्य बनाने की तैयारी है। अभी विभिन्न विश्वविद्यालयों में इंटर्नशिप की व्यवस्था है, लेकिन यह अनिवार्य नहीं है। इसके अलावा चार वर्षीय स्नातक ऑनर्स और ऑनर्स विद रिसर्च पाठ्यक्रम लागू करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि स्नातक स्तर से ही विद्यार्थियों में शोध की रुचि विकसित हो।

समिति क्रेडिट फ्रेमवर्क और मूल्यांकन प्रणाली में भी समानता लाने पर काम कर रही है। हालांकि, साझा पाठ्यक्रम लागू होने के बावजूद विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता बरकरार रखने की बात कही गई है। उन्हें प्रस्तावित पाठ्यक्रम ढांचे में 20 से 30 प्रतिशत तक बदलाव करने की छूट मिलेगी।

कल्याणी विश्वविद्यालय के कुलपति कल्लोल पाल के अनुसार, सभी विश्वविद्यालयों के बीच शैक्षणिक सामंजस्य कायम करते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के लिए पाठ्यक्रम, इंटर्नशिप, क्रेडिट फ्रेमवर्क और भारतीय ज्ञान प्रणाली के विभिन्न पहलुओं पर काम किया जा रहा है।

 

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