यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 19, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाला: कोलकाता में फिर सड़कों पर उतरे अभ्यर्थी, सियालदह से धर्मतल्ला तक विरोध मार्च
कोलकाता में शिक्षक भर्ती घोटाला को लेकर अभ्यर्थियों ने एक बार फिर प्रदर्शन किया। सोमवार को सैकड़ों बेरोजगार अभ्यर्थी कोलकाता ...और पढ़ें

कोलकाता, राज्य ब्यूरो: कोलकाता में शिक्षक भर्ती घोटाला को लेकर अभ्यर्थियों ने एक बार फिर प्रदर्शन किया। सोमवार को सैकड़ों बेरोजगार अभ्यर्थी कोलकाता की सड़कों पर उतरे। नौ संगठनों के बैनर तले सियालदह स्टेशन से बेरोजगार अभ्यर्थियों ने जुलूस निकाला। हाई कोर्ट से अनुमति लेकर सियालदह से धर्मतल्ला तक विरोध मार्च निकला गया। इनमें आंदोलन करने वाले अभ्यर्थियों के कई संगठन शामिल थे।
सियालदह से धर्मतल्ला तक विरोध मार्च
जानकारी के मुताबिक, सियालदह स्टेशन पर अभ्यर्थी एकत्रित हुए और वहां से नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला। विरोध प्रदर्शन के कारण मध्य कोलकाता में परिवहन व्यवस्था काफी देर तक ठप रही। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे भी लंबे समय से नौकरी के लिए संघर्ष कर रहे हैं और उनकी मांगें जायज हैं। हमने 2014 में प्राइमरी टेट पास की थी। मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि वह हम सभी को नियुक्ति देंगे, लेकिन उन्होंने रोटी छीन ली। यह जुलूस सियालदह से धर्मतल्ला मेट्रो चैनल तक पहुंचा और वहां सभा के साथ समापन हुआ।
एसएलएसटी अभ्यर्थी आंदोलन से बनाई दूरी
हालांकि, एसएलएसटी अभ्यर्थी आज इस आंदोलन में भाग नहीं लिया। वे भर्ती के बारे में शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु से बात कर चुके हैं। उन्हें मंत्री की ओर से समय दिया गया है। इसलिए वे इस आंदोलन को अलग रहे। सियालदह से धर्मतल्ला मेट्रो चैनल तक विरोध प्रदर्शन के लिए आंदोलनकारियों ने कलकत्ता हाई कोर्ट से अनुमति ली थी। अभ्यर्थियों ने बंगाल सरकार पर आरोप लगाया और कहा कि बंगाल में सरकार है ही नहीं। यहां एक दल की सत्ता है। उनका विरोध करने वाला कोई नहीं है और विपक्षी दलों में संगठित होने की शक्ति नहीं है। इसलिए वे इस मौके का फायदा उठाकर लोगों को उनके हक से वंचित कर रहे हैं।
