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बंगाल: ममता की स्वास्थ्य साथी योजना में भी बड़े फर्जीवाड़ा का दावा, 25 लाख कार्डधारकों का अता-पता नहीं

Published: Thu, 29 Oct 2026 08:00 PM (IST)

पश्चिम बंगाल सरकार ने ममता बनर्जी की स्वास्थ्य साथी योजना में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का दावा किया है। सत्यापन के दौरान लगभग 25 लाख कार्डधारक लापता पाए गए हैं।

ममता की स्वास्थ्य साथी योजना में बड़े फर्जीवाड़े का दावा।

ममता की स्वास्थ्य साथी योजना में बड़े फर्जीवाड़े का दावा।

HighLights

  1. स्वास्थ्य साथी योजना में बड़े फर्जीवाड़े का दावा।

  2. 25 लाख कार्डधारक सत्यापन में लापता मिले।

  3. लाखों संदिग्ध राशन कार्डों की भी जांच जारी।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों के सत्यापन के दौरान बड़ी संख्या में संदिग्ध मामले सामने आने का दावा किया गया है। इसी क्रम में राज्य सरकार ने अब पूर्ववर्ती ममता बनर्जी सरकार की स्वास्थ्य साथी योजना में भी बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का दावा किया है।

राज्य के मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल ने गुरुवार को राज्य सचिवालय नवान्न स्थित अपने कार्यालय में पत्रकारों के साथ अनौपचारिक बातचीत में बताया कि स्वास्थ्य साथी कार्डधारकों को आयुष्मान भारत योजना से जोड़ने की प्रक्रिया के दौरान करीब 25 लाख कार्डधारकों का कोई अता-पता नहीं चल पा रहा है। इसके अलावा, राज्य में लाखों की संख्या में संदिग्ध राशन कार्डों का भी पता चला है, जिनकी जांच की जा रही है।

मुख्य सचिव के अनुसार, स्वास्थ्य साथी कार्डधारकों से संपर्क करने और उन्हें आयुष्मान भारत अथवा मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया के तहत घर-घर जाकर सत्यापन किया जा रहा है।

इसी दौरान करीब 25 लाख कार्डधारकों का कोई अता-पता नहीं मिल रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में संचालित अन्य योजनाओं में भी बड़ी संख्या में संदिग्ध लाभार्थियों के मामले सामने आए हैं।

घर-घर सत्यापन में सामने आ रहे मामले

राज्य सरकार की ओर से स्वास्थ्य साथी कार्डधारकों की पहचान और उनके विवरण का सत्यापन किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में जिन लोगों का पता नहीं चल पा रहा है, उनके कार्ड और लाभार्थी संबंधी विवरण की वास्तविक स्थिति जांच का विषय है। हालांकि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि कितने मामलों में लाभार्थियों का पता बदलने, रिकार्ड में गड़बड़ी या अन्य कारणों की भूमिका है और कितने कार्ड वास्तव में फर्जी हैं।

राशन कार्डों की भी हो रही जांच

स्वास्थ्य साथी योजना के साथ राशन कार्डों के सत्यापन पर भी राज्य सरकार का ध्यान है। मुख्य सचिव ने लाखों की संख्या में फर्जी राशन कार्डों का पता चलने का दावा किया है। सरकार का उद्देश्य योजनाओं के वास्तविक लाभार्थियों की पहचान करना और अपात्र लोगों के नाम पर सरकारी सुविधाओं का लाभ उठाने के मामलों की जांच करना है।

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