राज्य ब्यूरो, कोलकाता। भारतीय जनता पार्टी के एक और विधायक ने बंगाल को दो हिस्सों में बांटने का समर्थन किया है। इससे पहले भाजपा सांसद जॉन बार्ला ने पहली बार उत्तर और दक्षिण बंगाल को अलग करने की मांग की थी। उसके बाद सांसद सौमित्र खां और विधायक आनंद बर्मन ने इस मांग का समर्थन किया था। अब डाबग्राम फुलवारी की विधायक शिखा चटर्जी ने भी उत्तर बंगाल को अलग राज्य के तौर पर घोषित करने की मांग की है।

मंगलवार को डाबग्राम फुलवारी की विधायक शिखा चटर्जी ने कहा कि लोगों के मतादेश और ममता बनर्जी के भेदभाव को देखते हुए उत्तर बंगाल को अलग राज्य के तौर पर घोषित करने की मांग गलत नहीं है। लोग यही चाहते हैं। चटर्जी ने कहा कि उत्तर बंगाल के उत्तर कन्या को दूसरा सचिवालय के तौर पर बनाया गया है। यह केवल लोगों को बरगलाने के लिए है। वहां केवल टाइम पास होता है, कोई काम नहीं होता। उत्तर बंगाल को अलग राज्य बनाया जाए तो बेहतर होगा। इसे केंद्र शासित प्रदेश भी घोषित किया जा सकता है।

हालांकि दार्जिलिंग जिले से भाजपा अध्यक्ष प्रवीण अग्रवाल ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी नेताओं के बंगाल विभाजन के बयान का समर्थन नहीं करती है। उल्लेखनीय है कि बंगाल को बांटने की मांग करने वाले सौमित्र और जॉन बार्ला के खिलाफ पहले ही तृणमूल कांग्रेस ने प्राथमिकी दर्ज करा दी है।

उल्लेखनीय है कि दोनों सांसदों ने आरोप लगाया था कि ममता बनर्जी ने बंगाल के बाकी हिस्सों की लगातार उपेक्षा की है। इसीलिए उत्तर तथा राढ बंगाल को अलग कर देना चाहिए। राढ बंगाल में जंगलमहल क्षेत्र आता है। भाजपा सांसदों का कहना है कि उत्तर तथा राढ बंगाल के विकास के लिए इनको पश्चिम बंगाल से अलग कर देना चाहिए। 

Edited By: Priti Jha