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12 नवंबर को नहीं आएगी बंगाल निकाय चुनाव की अंतिम मतदाता सूची, आयोग के फैसले से बढ़ा सस्पेंस

Published: Thu, 05 Nov 2026 03:57 PM (IST)

राज्य निर्वाचन आयोग ने कोलकाता नगर निगम सहित सात शहरी निकायों की अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीख टाल ...और पढ़ें

कोलकाता समेत सात निकायों की मतदाता सूची प्रकाशन टला

कोलकाता समेत सात निकायों की मतदाता सूची प्रकाशन टला

HighLights

  1. कोलकाता समेत सात निकायों की मतदाता सूची प्रकाशन टला

  2. नवंबर में प्रस्तावित निकाय चुनाव पर अनिश्चितता बढ़ी है

  3. परिसीमन और मतदाता समायोजन आयोग के लिए बड़ी चुनौती

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल में नगर निकाय चुनाव की तैयारियों को झटका लगा है। राज्य निर्वाचन आयोग ने कोलकाता नगर निगम (केएमसी) समेत सात शहरी निकायों की अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीख टाल दी है।

पहले यह सूची 12 नवंबर को प्रकाशित होनी थी, लेकिन पांच नवंबर को जारी आदेश के जरिए आयोग ने इसे स्थगित कर दिया। नई तारीख की घोषणा बाद में की जाएगी। आयोग के इस फैसले से नवंबर के अंतिम सप्ताह में प्रस्तावित नगर निकाय चुनाव को लेकर अनिश्चितता और बढ़ गई है।

राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) के सचिव अरिंदम मानी ने इस संबंध में आदेश जारी कर दक्षिण 24 परगना के जिलाधिकारी एवं केएमसी के प्रशासक अधिकारी सहित हावड़ा, जलपाईगुड़ी, कालिम्पोंग और पूर्व मेदिनीपुर के जिलाधिकारियों को सूचित किया है।

आदेश में केवल अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन को स्थगित करने की बात कही गई है। चुनाव की तारीख आगे बढ़ाने या नई मतदान तिथि तय करने का कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं है।

परिसीमन के बाद मतदाता समायोजन की चुनौती

दरअसल, इस बार नगर निकाय चुनाव से पहले वार्डों का परिसीमन किया गया है। कोलकाता नगर निगम में वार्डों की संख्या 144 से बढ़ाकर 209 कर दी गई है, जबकि हावड़ा में इसे 50 से बढ़ाकर 68 करने का प्रावधान है।

इसके अलावा बाली, कालिम्पोंग, कर्सियांग, धुपगुड़ी और हल्दिया नगर निकायों में भी चुनाव की तैयारी चल रही है। नए परिसीमन के बाद मतदाताओं को नए वार्डों में समायोजित करने, मतदान केंद्रों का पुनर्निर्धारण और मतदाता सूची की त्रुटियां दूर करना आयोग के सामने बड़ी चुनौती है।

8 अक्टूबर को सामने आए आंकड़ों के अनुसार, केएमसी के 209 वार्डों के लिए करीब 32 लाख मतदाताओं की प्रारूप सूची तैयार की गई थी। इस पर राजनीतिक दलों ने कई आपत्तियां दर्ज कराई थीं। विपक्षी दलों ने वार्डों के पुनर्गठन और मतदाता सूची में गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया था।

एसआईआर के लंबित मामलों को लेकर भी विवाद

नगर निकाय चुनाव की तैयारियों के बीच विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का मुद्दा भी राजनीतिक विवाद का कारण बना हुआ है। विपक्षी दलों का आरोप है कि बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटे हैं। वहीं, एक लाख से अधिक मतदाताओं के मामले अपीलीय न्यायाधिकरण में लंबित होने की बात भी उठाई गई है।

28 अक्टूबर को आयोग के साथ हुई बैठक में तृणमूल कांग्रेस, वाममोर्चा और कांग्रेस ने लंबित मामलों का निपटारा होने के बाद ही नगर निकाय चुनाव कराने की मांग की थी। कुछ दलों ने पुरानी मतदाता सूची के आधार पर चुनाव कराने का सुझाव भी दिया था। हालांकि भाजपा ने चुनाव टालने का विरोध करते हुए सभी 209 वार्डों में चुनाव लड़ने की तैयारी जताई थी।

एसएसआर की अंतिम सूची 16 जनवरी को

इस बीच भारत निर्वाचन आयोग की विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) प्रक्रिया के तहत बंगाल की मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 16 जनवरी 2027 को प्रस्तावित है। इसके लिए 23 नवंबर से 22 दिसंबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जाएंगी।

हालांकि एसएसआर और राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से नगर निकाय चुनाव के लिए तैयार की जा रही मतदाता सूची अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। ऐसे में नगर निकायों की अंतिम सूची के प्रकाशन की नई तारीख और लंबित आपत्तियों के निपटारे के बाद ही चुनाव कार्यक्रम को लेकर तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।

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