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'भारत वेदों से उत्पन्न देश', बिहार दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बोले बंगाल के राज्यपाल आरएन रवि

Published: Mon, 23 Mar 2026 06:01 PM (GMT+05:30)

कोलकाता में बिहार दिवस समारोह में राज्यपाल आरएन रवि ने कहा कि भारत अब एक वैश्विक शक्ति है, जिसे दुनिया ...और पढ़ें

रवि ने कहा कि भारत वेदों से उत्पन्न व ऋषियों की ताकत से उदभवित राष्ट्र है (फोटो: पीटीआई)

रवि ने कहा कि भारत वेदों से उत्पन्न व ऋषियों की ताकत से उदभवित राष्ट्र है (फोटो: पीटीआई)

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राजीव कुमार झा, कोलकाता। बंगाल के राज्यपाल आरएन रवि ने बीते वर्षों में वैश्विक स्तर पर देश की बढ़ती ताकत का उल्लेख करते हुए रविवार को कहा कि दुनिया का कोई भी शक्तिशाली से शक्तिशाली राष्ट्र आज भारत को नजरंदाज नहीं कर सकता।

कोलकाता स्थित लोक भवन में बिहार के 114वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि कल तक (कुछ वर्ष पहले तक) जब भारत कुछ बोलता था तो दुनिया का कोई भी देश उसे सुनता नहीं था। उल्टे कोई भी आकर भारत को उपदेश देता रहता था, लेकिन आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। दुनिया की कोई भी शक्ति आज भारत को नजरंदाज नहीं कर सकता।

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उन्होंने कहा कि विश्व को प्रभावित करने वाला कोई भी निर्णय आज भारत के सहयोग या समर्थन के बिना संभव नहीं है। लोगों से अपने राष्ट्र व यहां की संस्कृति पर गौरव करने का आह्वान करते हुए रवि ने कहा कि भारत को समझने के लिए पश्चिमी दृष्टिकोण नहीं हमें भारतीय दृष्टिकोण अपनाना होगा। तभी हम भारत को समझ सकेंगे।

भारत को बताया दुनिया का सबसे प्राचीन

भारत को दुनिया का सबसे प्राचीन देश बताते हुए उन्होंने कहा अन्य देशों की तरह यह किसी राजा, बाहुबली शासक या सेना द्वारा बनाया देश नहीं है। रवि ने कहा कि भारत वेदों से उत्पन्न व ऋषियों की ताकत से उदभवित राष्ट्र है।

रवि ने कहा कि भारत आज आगे बढ़ रहा है। ये नया भारत, उभरता भारत, युवा भारत और उद्यमी भारत है। उन्होंने कहा कि आज हम सभी का सौभाग्य है कि हम ऐसे काल या समय के साक्षी हैं, जब परिवर्तन को देख भी रहे हैं और परिवर्तन करने वाले भी हैं।

बिहार आज तेजी से आगे बढ़ रहा

बिहार दिवस की सभी को शुभकामनाएं देते हुए राज्यपाल रवि ने इस मौके पर बिहार के ऐतिहासिक महत्व और देश की एकता में उसकी भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि बिहार के लोग आज बंगाल सहित पूरे देश के विकास में अपना योगदान दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि एक समय बिहार काफी नीचे की ओर चला गया था, लेकिन आज तेजी से आगे बढ़ रहा है। आज उभरता, उठता व जागता हुआ बिहार है।

बंगाल की भूमि हमेशा से भारत का मार्गदर्शन करते आया है

राज्यपाल ने कहा कि बिहार की तरह बंगाल भी हमारा गौरव है। पूरा भारत हमारा घर है हम सभी एक शरीर के अंग हैं। इस सोच के साथ हम सभी संकल्प लें कि हम सभी को मिलकर विकसित भारत का निर्माण करना है और इस संकल्प के साथ आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि बंगाल की भूमि हमेशा से भारत का मार्गदर्शन करते आया है। आजादी की क्रांति इसी भूमि से शुरू हुई और पूरे देश में फैल गईं।

रवि ने कहा कि बिहार दिवस और अन्य राज्यों के स्थापना दिवस मनाने की परंपरा कुछ वर्ष पहले शुरू हुई है। बिहार राज्य का गठन 22 मार्च 1912 को हुआ था और आज 114 वर्ष पुराना हो गया है। हालांकि बाद में झारखंड अलग हो गया, लेकिन बिहार के एक राज्य के रूप में स्थापना की शुरुआत उसी समय से मानी जाती है।

उन्होंने कहा कि 1912 से पहले ‘बिहार’ नाम का कोई औपचारिक राज्य नहीं था, लेकिन वहां के लोग और वह भूमि हमेशा से मौजूद था। यह हर राज्य पर लागू होता है।

ये कोई नहीं बता सकता कि देश में और राज्य नहीं बनेंगे

रवि ने कहा कि राज्यों के गठन की प्रक्रिया ब्रिटिश शासन के दौरान शुरू हुई और बेहतर प्रशासन व सुशासन सुनिश्चित करने के लिए स्वतंत्रता के बाद भी जारी रही और नए-नए राज्य बनते चले गए।

उन्होंने कहा कि ये कोई नहीं बता सकता कि आने वाले दिनों में देश में और राज्य नहीं बनेंगे। राष्ट्रीय एकता के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि अनेक राज्य हुए हैं और आगे भी होंगे लेकिन भारत एक है।

गंगासागर सिर्फ बंगाल का नहीं, पूरे देश का है

रवि ने कहा कि गंगासागर सिर्फ बंगाल का नहीं, पूरे देश का है। इसी तरह प्रयागराज सिर्फ यूपी का नहीं बल्कि पूरे देश का है। उन्होंने कहा कि कोई भी राज्य या व्यक्ति यह दावा नहीं कर सकता कि कोई महत्वपूर्ण स्थान या विरासत सिर्फ उसकी है। यह पूरे राष्ट्र की संपत्ति है।

झिझिया और सामा चकेवा नृत्य रहा विशेष आकर्षण का केंद्र

'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की भावना के साथ कोलकाता लोकभवन में बिहार दिवस के अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राज्यपाल आरएन रवि अपनी धर्मपत्नी व राज्य की प्रथम महिला लक्ष्मी रवि के साथ शामिल हुए। समारोह में बिहार फाउंडेशन, कोलकाता चैप्टर के अध्यक्ष निशांत कुमार सिंह ने बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर प्रकाश डाला।

समारोह में विभिन्न स्कूलों और संस्थानों के छात्रों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। पारंपरिक गीत, लोक नृत्य, बिहार के प्रमुख पर्व छठ पूजा व इसके गीतों की प्रस्तुति और कविता पाठ ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस दौरान पूर्वी क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र (ईस्टर्न जोनल कल्चरल सेंटर) द्वारा प्रस्तुत झिझिया और सामा चकेवा नृत्य विशेष आकर्षण रहे।

बिहार दिवस पर लोक भवन में प्रदर्शनी भी लगाई गई थी, जिसका राज्यपाल ने अवलोकन किया। राज्यपाल ने इस दौरान प्रवासी बिहार के लोगो के साथ खुलकर बातचीत भी की। लोक भवन के आमंत्रण पर समारोह में सैकड़ों की संख्या में प्रवासी बिहार के लोगों की उपस्थिति रही। लोगों ने इस दौरान बिहार के प्रसिद्ध लिट्टी-चोखा का भी आनंद उठाया।

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